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शहर के प्रमुख चौराहों पर तारों का जंजाल, आफत में जान

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पडरौना-जटहां मुख्य सड़क के किनारे रखा गया ट्रांसफार्मर। - फोटो : KUSHINAGAR
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शहर के प्रमुख चौराहों पर तारों का जंजाल, आफत में जान
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जर्जर तार व खुले में रखे ट्रांसफॉर्मर से शहरवासियों को हो रही परेशानी
पडरौना। शहर के प्रमुख चौराहों पर जर्जर विद्युत तारों और खुले में रखे ट्रांसफॉर्मर के चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्पार्किंग के कारण चिंगारी गिरने से राहगीर और व्यवसायी सहमे रहते हैं, लेकिन विद्युत निगम के अभियंता ध्यान नहीं देते हैं।
शहर में 150 से अधिक ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। इनमें से अधिकतर खुले में रखे गए हैं। सुभाष चौक, गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज, अंबे चौक, छावनी, धर्मशाला, दरबार रोड, तिलक चौक सहित शहर में जगह-जगह ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। तेज हवा चलने और वाहनों के संपर्क में आने से अक्सर तार टूटकर गिरते रहते हैं। क्योंकि सड़कों की ऊंचाई बढ़ने के बाद से तार-पोल ऊंचाई कम हो गई है। कई स्थानों पर इनपुट व आउटपुट (ट्रांसफॉर्मर से निकलने व आगे बिजली आपूर्ति देने वाले) कनेक्शन भी कम ऊंचाई पर लगे हैं। अर्थिंग का तार भी खुला छोड़ दिया जाता है।
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खुले मेें रखे ट्रांसफॉर्मर से हो चुका है हादसा
छह माह पहले पडरौना-रामकोला मार्ग पर गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज के सामने खुले में रखे ट्रांसफॉर्मर में उतरे करंट के संपर्क में आने से एक व्यक्ति झुलस गया था। उसके बाद निगम ने उस ट्रांसफॉर्मर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनवाया था। वहीं 50 मीटर की दूर स्थित एक अन्य ट्रांसफॉर्मर को खुले में ही छोड़ दिया गया।
उपभोक्ताओं ने तार भूमिगत कराने की मांग की
विजय नेे कहा कि विद्युत निगम की लापरवाही से शहरवासी त्रस्त हैं। तार जर्जर होने से आए दिन फाल्ट होता है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। श्रवण ने कहा कि शहर में अधिकतर जगह खुले में ट्रांसफॉर्मर रखे गए हैं। हेमंत का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर नीचे रखने से हादसे की आशंका बनी रहती है। घटना के बाद विद्युत कर्मियों को फोन मिलाने पर बात नहीं हो पाती है। कुंदन ने कहा कि खंभों पर तार का जंजाल होने से नए कनेक्शन जोड़ने में परेशानी होती है। विद्युत निगम को शहर में तारों को अंडरग्राउंड कर देना चाहिए।
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वर्जन
ट्रांसफॉर्मर नीचे रहने से हादसों का खतरा रहता है। शहर में 150 से अधिक ट्रांसफॉर्मर खुले में हैं। इन्हें जल्द ही सुरक्षा घेरा में कर दिया जाएगा। जर्जर तारों को बदलने के लिए बजट नहीं है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट आने पर तारों को बदल दिया जाएगा।
सुनील चंद्र श्रीवास्तव, एक्सईएन, पडरौना
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