कसया। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थली कुशीनगर में सोमवार को आस्था, श्रद्धा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। थाई मोनास्ट्री कुशीनगर के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय बुद्ध धातु शोभायात्रा समारोह के चौथे दिन 17वीं पवित्र बुद्ध धातु शोभायात्रा हाथी-घोड़े और गाजे-बाजे के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में निकाली गई। शोभायात्रा से संपूर्ण बुद्धस्थली धम्ममय हो उठी।
कार्यक्रम का शुभारंभ थाई मोनास्ट्री परिसर में मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा तथा थाई राजदूत चवानाथ थानसून फांट ने संयुक्त रूप से किया। थाईलैंड से आए बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध वंदना प्रस्तुत की, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ी। यात्रा का समापन महापरिनिर्वाण मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
मंगलवार को प्रातः आठ बजे शोभायात्रा महापरिनिर्वाण मंदिर से निकलेगी और रामाभार स्तूप में पूजन-वंदन के बाद संपन्न होगी। विहाराधिपति फ्रामहा सोमपोंग ने कहा कि ऐसे आयोजन से कुशीनगर की पहचान वैश्विक स्तर पर और सुदृढ़ हो रही है। भारत-थाईलैंड के बीच मैत्री संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
कार्यक्रम से पूर्व मोनास्ट्री परिसर में थाई महाराजा भूमिबोल अदुल्यदेज की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा देवी-देवताओं का आह्वान कर कार्यक्रम की मंगलकामना की गई।
-
आकर्षण का केंद्र रहा थाई कलाकारों का नृत्य
शोभायात्रा के दौरान थाईलैंड से आए लगभग 50 कलाकारों ने पारंपरिक ‘सोम पोथा फ्रा धात’ नृत्य प्रस्तुत किया, जो धार्मिक आयोजनों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। उनकी सुसज्जित वेशभूषा और लयबद्ध प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में भारत और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के भिक्षु एवं उपासक शामिल हुए। डॉ. पी. थेप वोधिबोंग, पी. सोंगक्रान, भंते नंदरतन, भंते उपालि, भंते मुलायम, अंबिकेश त्रिपाठी, राजेश सिंह, विवेक गोंड, सूरज यादव समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पुलिस बल, थाई नर्तक, स्कूली छात्र-छात्राएं और एनसीसी कैडेट मौजूद रहे।
सांस्कृतिक संबंध होंगे और मजबूत
मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करते हैं। वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम पर्यटन विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सद्भाव को भी सुदृढ़ करते हैं।
छात्रों की सहभागिता बनी विशेष आकर्षण
जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर चलते दिखाई दिए। सुसज्जित पालकी, कतारबद्ध अतिथिगण और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सव बना दिया।
द्ध धातु शोभायात्रा में शामिल मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा। स्रोत सोशल मीडिया
द्ध धातु शोभायात्रा में शामिल मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा। स्रोत सोशल मीडिया
द्ध धातु शोभायात्रा में शामिल मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा। स्रोत सोशल मीडिया
द्ध धातु शोभायात्रा में शामिल मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा। स्रोत सोशल मीडिया