पडरौना। मेडिकल कॉलेज परिसर में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से जल्द निजात मिलने जा रही है। मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग परिसर व रास्ते पर पानी भर जाने से मरीजों, तीमारदारों और चिकित्सकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने स्थायी समाधान की कवायद तेज कर दी है। परिसर व रास्ते पर जलभराव को दूर करने के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक लागत से पक्के नाले का निर्माण कराया जाएगा।
बारिश शुरू होते ही मेडिकल कॉलेज जाने वाले रास्ते व एमसीएच विंग परिसर में जलभराव की स्थिति हो जाती है। जलनिकास का कोई समुचित प्रबंध नहीं होने से रास्ते पर कई दिनों तक जलभराव बना रहता है। इससे न केवल मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में परेशानी होती है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क के किनारे नाले का निर्माण कराया जाएगा ताकि तेज बारिश होने पर अस्पताल परिसर में जलभराव न होने पाए। नाला निर्माण का कार्य जल्द शुरू कराकर तय समय में पूरा कराए जाने का दावा किया जा रहा है।
कोट:
सिवरेज सिस्टम का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था को बजट मिल गया है। नाला बन जाने से जलभराव की समस्या से स्थायी निजात मिल जाएगी। -डॉ. केपी गोंड़, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कुशीनगर