तमकुहीरोड। शहीद स्मारक अगस्त क्रांति का गवाह है। 11 रणबांकुरों के लहू से धरती लाल हुई थी। इनकी शहादत को सलाम करने पूर्व पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू आये थे और उनकी शहादत को सलाम कर शहीद स्मारक की आधारशिला रखी थी। साथ ही उन्होंने लोकमान्य इंटर कालेज के विजिटर बुक पर हस्ताक्षर किये थे। यह शहीद स्मारक आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
9 अगस्त 1942 को जब महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का शंखनाद किया था तो उस समय तमकुहीरोड, गोरखपुर जिला और पड़रौना तहसील का हिस्सा हुआ करता था। आजादी के दीवानों ने आंदोलन का सक्रिय हिस्सा बन कर रेलवे लाइनों को उजाड़ दिया और टेलिफोन के तारों को काट कर रेलवे स्टेशन पर तिरंगा फहरा दिया था। जिससे नाराज अंग्रेजों ने आस पास के कई गांवों मे आग लगा दिये थे।