- पाइपलाइन लीकेज होने से अटकी आपूर्ति,
-खजुरिया समेत तीन गांवों के करीब 25 हजार लोग स्वच्छ पानी से दूर
मंसाछापर। विशुनपुरा के खजुरिया गांव में वर्ष 2020-21 में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बना ओवरहेड टैंक सात वर्ष बाद भी लोगों के लिए केवल शोपीस बनकर रह गया है। निर्माण के समय ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पिछड़े क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समस्या दूर होगी लेकिन आपूर्ति शुरू होते ही जगह-जगह पाइपलाइन से लीकेज की समस्या सामने आ गई और तब से आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
इस योजना के तहत खजुरिया के साथ पटेरा बुजुर्ग और पटेरा खुर्द गांव में भी पानी की सप्लाई होनी थी। खजुरिया की आबादी करीब 15 हजार और पटेरा बुजुर्ग व खुर्द की संयुक्त आबादी लगभग 10 हजार बताई जा रही है। इसके बावजूद, लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई परियोजना वर्षों से धूल फांक रही है और हजारों लोग शुद्ध पेयजल से वंचित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सांसद और विधायक से शिकायत की गई। सांसद विजय दुबे को मौके पर निरीक्षण भी किया। इसके बाद सांसद ने जल निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द कमियां दूर कर जलापूर्ति शुरू कराने का निर्देश दिया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार निर्देश केवल कागजों तक ही सीमित रह गया और जमीन स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ।
बोले लोग
- मैने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई लेकिन जल निगम की तरफ से जांच करने तक कोई नहीं आया। सात वर्षों से 11 करोड़ की यह परियोजना बेकार पड़ी है।
- सत्यप्रकाश मिश्र, निवासी खजुरिया
- ओवरहेड टैंक बनने के बाद से ही पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। शिकायत के बाद भी कोई असर नहीं हुआ। सरकार की यह योजना केवल फाइलों तक सिमट कर रह गई है।
- विकास दुबे, निवासी पटेरा