नौ लोगों की कराई गई गवाही
इस मामले में मृतक बच्चा के बेटे राहुल ने उसी दिन सभी हत्यारोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। यह मामला अपर जिला जज प्रथम शिवानंद सिंह की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से पैरवी करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्र ने नौ लोगों की गवाही करा कर दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की।
कोर्ट ने बुधवार को सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी टिर्रा को संदेह का लाभ देते हुए मुकदमे से बरी कर दिया। आरोपी बाबुल व उसके बेटे गंगा प्रसाद, परसन व राजू को उम्रकैद की सजा सुना दी। साथ ही सभी पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट मोहर्रिर ने सभी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
सात लाइन में लिखी गई थी तहरीर
जिले में बच्चा की हत्या मामले में आरोपियों को सजा सुनाने में वादी की तहरीर भी काफी कारगर साबित हुई। मृतक के बेटे राहुल की तहरीर में लिखा था कि दिनांक 23 नवंबर 2017 को आरोपियों ने (बाबुल, राजू, गंगा प्रसाद, परसन व टिर्रा) फावड़े से काट डाला। वह सड़क पर मृत पड़े हैं। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। कोर्ट रूम में सजा सुनाए जाने के बाद यह चर्चा रही कि शायद ही पहली बार हत्या जैसे मामले में इतने कम मजमून के अंदर वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराया।