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उमेश पाल हत्याकांड : कौशाम्बी के सीमावर्ती गांवों में एसटीएफ की निगाह, अशरफ जिले में काट चुका है फरारी

Thu, 02 Mar 2023 12:22 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी

सार

राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद घटना में शामिल रहे शूटर कौशाम्बी में पनाह ले सकते हैं। ऐसी खुफिया सूचनाएं मिलने के बाद एसटीएफ ने जिले के सीमावर्ती गांवों पर निगरानी बढ़ा दी है।
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Prayagraj News : अतीक अहमद और अशरफ। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद घटना में शामिल रहे शूटर कौशाम्बी में पनाह ले सकते हैं। ऐसी खुफिया सूचनाएं मिलने के बाद एसटीएफ ने जिले के सीमावर्ती गांवों पर निगरानी बढ़ा दी है। वजह यह है कि राजू पाल की हत्या के बाद फरारी काट रहा माफिया अतीक का भाई पूर्व विधायक अशरफ कौशाम्बी के ही हटवा गांव से पकड़ा गया था। किसी समय प्रयागराज से सटे जिले के गांवों में अतीक गैंग की तूती बोलती थी।

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25 जनवरी 2005 में शहर पश्चिमी से विधायक रहे राजूपाल की हत्या के बाद अतीक के भाई अशरफ को मुख्य आरोपी बनाया गया था। अशरफ फरारी काट रहा था। प्रदेश सरकार ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दो लाख का इनाम घोषित किया था। वर्ष 2020 में अशरफ को तत्कालीन कौशाम्बी जिले के अधीन रही पूरामुफ्ती कोतवाली के असरौली हटवा गांव से गिरफ्तार किया गया। यहां अतीक के खास गुर्गे जैद के यहां अशरफ की ससुराल थी।

जैद का ग्रुप ही कौशाम्बी में अतीक के जमीन का कारोबार करता था। अब राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक का जिले से कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। अतीक की दखल वाले प्रयागराज के मरियाडीह, जिले के कोइलहा, सल्लाहपुर, काजीपुर, महगांव आदि गांवों में शूटरों के छिपे होने का अंदेशा जाहिर किया जा रहा है। पुलिस के सूत्रों की मानें तो एसटीएफ की निगाह भी अतीक के दखल वाले गांवों में है।

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राजूपाल हत्याकांड का शूटर है फरार, सीबीआई ने चस्पा किया कुर्की का नोटिस

राजू पाल हत्याकांड की सीबीआई जांच में सरायअकिल के भखंदा निवासी अब्दुल कवि का नाम प्रकाश में आया। अब्दुल कवि माफिया अतीक का शूटर बताया गया है। हालांकि वह अपने बीवी-बच्चों सहित करीब 15 साल से गांव नहीं आया। यहां उसके भाई आदि रहते हैं। करीब 10 दिन पहले सीबीआई ने अब्दुल कवि के घर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। बताया जाता है कि अब्दुल कवि प्रयागराज में ही कहीं नाम बदलकर रह रहा है।
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पश्चिमशरीरा इलाके में भी हलचल
इलाके में मंगलवार शाम तीन लग्जरी गाड़ियों से कुछ लोग आए थे। यह लोग पहले पश्चिमशरीरा कस्बे के समीप उतरे और बिना किसी से कुछ बातचीत किए इधर-उधर घूमते रहे। बाद में सभी लोग गाड़ियों से महेवाघाट की तरफ चले गए। चर्चा रही कि एसटीएफ की टीम ने इलाके में काबिंग की है। लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।                                                            
कोइलहा में चल चुका बुलडोजर
एंटी माफिया के खिलाफ प्रदेश सरकार ने जब अभियान चलाया तो जिले के कोइलहा में भी अतीक की बेशकीमती जमीन पर बुलडोजर चला था। इस जमीन पर भी अवैध तरीके से प्लाटिंग की जा रही थी। जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में बताई गई थी।
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