या अल्लाह ! अब हमें इंसाफ दो
चायल। भाई अरबाज के एनकाउंटर होने पर बहनें सुगुप्ता, रवीना और तसलीमा की रो-रो कर हालत खराब है। रोते हुए बहनों ने बताया कि उनका भाई परिवार के भरण पोषण में सहारा था। अब परिजनों के सामने अल्लाह ही एक सहारा है। हम सभी अल्लाह से अपने परिवार की सुरक्षा और भाई की मौत का इंसाफ मांगेंगे।
साहब ! पूरे परिवार पर एक भी मुकदमा नहीं है, फिर भी ऐसी सजा क्यों?
बेटे अरबाज के एनकाउंटर को लेकर खफा पिता आफाक उर्फ मांगा ने बताया कि 20 साल पहले वह माफिया अतीक अहमद की गाड़ी चलाते थे। राजूपाल हत्याकांड के बाद वह घर आकर रहने लगे। पिता ने आरोप लगाया कि बेटे अरबाज ही नहीं बल्कि घर के किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है। फिर भी पुलिस ने बेटे को मार कर इतनी कड़ी सजा क्यों दी?। पिता ने रोते हुए बताया कि उसका बेटा और पूरा परिवार निर्दोष है। यदि पुलिस के रिकार्ड में कोई भी मुकदमा मेरे परिवार के खिलाफ मिल जाते तो सजा मुझे मंजूर थी। लेकिन पुलिस का यह कार्रवाई मंजूर नहीं है।