ब्लाॅक क्षेत्र के पुरखास से केवट का पुरवा गांव तक की पांच किमी. सड़क बनाने की मियाद पूरी हुए दो साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क बन नहीं पाई। आधी-अधूरी बनी सड़क पर वाहनों के गुजरने के बाद उठने वाले धूल के गुबार से राहगीरों का चलना मुश्किल है। बिखरी पड़ी गिट्टियों से फिसलकर आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से इलाके के लोगों में शासन के प्रति नाराजगी व्याप्त है।
पुरखास गांव के कलीम अहमद, मोहम्मद आरिज, मुन्ना त्रिपाठी केवट का पुरवा के मनीष निषाद, राजू सिंह, बंटू सिंह आदि ने कहा कि पुरखास से केवट का पुरवा गांव तक की पांच किलोमीटर की सड़क ओवरलोड बालू लदे वाहनों के चलने से पूरी तरह बदहाल हो चुकी थी। बदहाल सड़क के कायाकल्प के लिए वर्ष 2022 में पीएमजीएसवाई के तहत शासन की ओर से 611.07 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। उस समय सड़क बनाने का जिम्मा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को सौंपा गया।
आरईडी को 30 दिसंबर 2022 से सड़क निर्माण का काम शुरू कर 29 अक्तूबर 2023 तक पूरा करना था। लेकिन, तय अवधि में सड़क निर्माण कार्य शुरू न हो पाने के कारण बताया गया कि सड़क निर्माण की प्रस्तावित डिजाइन यातायात के लिहाज से पर्याप्त नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की तरफ से दोबारा नई डिजाइन एफडीआर तकनीक से बनाकर सड़क बनाने का प्रस्ताव पुन: अप्रैल 2023 में शासन को भेजा गया। जिसकी मंजूरी भी शासन से जल्द ही मिल गई। मंजूरी मिलने के बाद भी आज तक पांच किलोमीटर की सड़क बन नहीं पाई। सड़क बनाने के नाम पर कार्यदायी संस्था के ठेकेदार की तरफ से जेसीबी और पोकलैंड मशीन से गड्ढों का समतलीकरण करवा दिया गया। साथ ही तीन महीना पहले सीमेंट और केमिकल युक्त मिश्रण से आवागमन लायक बना दिया गया, लेकिन सड़क पर आज तक डामरीकरण नहीं करवाया गया।
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सड़क पर वाहनों के गुजरने के बाद उठने वाले धूल के गुबार से लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है। सड़क पर बिखरी गिट्टियों से फिसलकर आए दिन साइकिल और बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत तो पुरखास गांव की है। बस्ती में 500 मीटर तक तो निर्माण कार्य भी नहीं शुरू हुआ। बस्ती में पहले से बनी सीसी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं।
- मोहम्मद महमूद यूसुफपुर
सड़क पर नालियों का पानी भरा रहता है। स्कूली बच्चों समेत सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आधी-अधूरी सड़क बनने से लोगों को परेशानी हो रही है। यदि जल्द ही सड़क निर्माण का काम पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीण धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
- सतीश तिवारी, धवई
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सड़क बनाने का जितना भी काम हुआ है, उसका भुगतान संबंधित ठेकेदार को अभी पूरा नहीं मिला है। क्योंकि जिस विधि (माड्यूल) से भुगतान किया जाता है, उसमें कुछ तकनीकी बदलाव हुए हैं। जैसे ही भुगतान करने की विधि अपग्रेड हो जाएगी पहले ठेकेदार का बकाया भुगतान होगा। उसके बाद शीघ्र ही अधूरी सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
- विपुल चंद्रा, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
पुरखास से केवट का पुरवा तक की अधूरी सड़क:संवाद
पुरखास से केवट का पुरवा तक की अधूरी सड़क:संवाद