करारी। कस्बे के प्रमुख चौराहों पर वाहन चालकों की मनमानी लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है। सवारी ढोने वाले ई-रिक्शा, सीएनजी ऑटो, बस और अन्य वाहन चालक निर्धारित स्थलों पर वाहन खड़ा करने के बजाय मुख्य चौराहों पर ही आड़े-तिरछे वाहन पार्क कर देते हैं। जिस वजह से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और लोगों को परेशान होना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जाम से आवागमन में दिक्कत होती है। वहीं, दुकानदारों के कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वाहन चालक दुकान के आगे गाड़ी लगा देते हैं, जिससे रास्ता बंद हो जाता है। कई बार दुकानदारों और वाहन चालकों में झड़प भी हो जाती है। जाम के दौरान स्कूली बच्चों, मरीजों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है।
करीब तीन साल पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाजारों और चौराहों पर वाहनों को खड़ा करने के लिए निर्धारित स्थल बनाए जाने के निर्देश दिए थे। करारी में भरवारी, प्रयागराज , पश्चिम शरीरा और मंझनपुर रोड पर वाहन खड़े करने की जगह तय की गई थी।
मंझनपुर रोड पर 10 लाख की लागत से वाहन स्टैंड तक बनवाया गया। कुछ दिनों तक वाहन चालकों ने नियम का पालन किया लेकिन उसके बाद फिर मनमानी शुरू हो गई। स्थानीय निवासी उमेश केसरवानी, रोहिणी जायसवाल, राजू का कहना है कि कई बार स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कस्बे में कई बार पुलिस की मदद से निर्धारित स्थलों पर वाहनों को खड़ा करावाया गया था। सवारी के लालच में चालक चौराहे पर आकर वाहन खड़ा कर रास्ता जाम कर देते हैं। पुलिस के सहयोग से फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।- शमसाद अहमद, चेयरमैन
कस्बों में निर्धारित स्थल पर ही चालकों को वाहन खड़ा करना चाहिए। चौराहे पर आड़े-तिरछे वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ बीच-बीच में अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाती है। जल्द ही फिर अभियान चलाया जाएगा। -सत्येंद्र तिवारी, सीओ ट्रैफिक