बैशकांटी गांव में बृहस्पतिवार रात एक ईंट-भट्ठा मजदूर ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक वह काफी दिनों से बीमार चल रहा था। आर्थिक तंगी की वजह से उसका ठीक से इलाज नहीं हो पा रहा था। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घटना की छानबीन की।
बैशकांटी का कमलेश (45) ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। उसकी पांच बेटियां हैं। पत्नी करीना देवी ने बताया कि वह कई सालों से भगंदर नाम की बीमारी से ग्रसित था। उसने पांच बार ऑपरेशन कराया फिर भी बीमारी ठीक न हुई। आर्थिक तंगी की वजह से उसने बृहस्पतिवार की रात घर वालों के सो जाने पर बरामदे में साड़ी के सहारे चुल्ले पर फंदे से लटक कर जान दे दी। आधी रात जब पत्नी उठी तो कमलेश को फंदे पर लटकता देखा तो चीख पड़ी। शोर सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सुबह पुलिस ने मौका मुआयना किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि बीमारी से परेशान होकर मजदूर ने आत्मघाती कदम उठाया है। परिवार ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।