उनका कहना था कि प्रांत संयोजक की गाड़ी की किसी भी दशा में जांच नहीं होने की जाएगी, जबकि उड़नदस्ते में शामिल पुलिस के जवान गाड़ी की जांच किए बिना आगे नहीं जाने दे रहे थे। इसको लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। जमकर नोकझोंक और हंगामा शुरू हो गया।
स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। सूचना पाकर पहुंचे उपजिलाधिकारी सैनी ने किसी तरह से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने टीम में शामिल लोगों को देख लेने की दी धमकी।