चार दिन पहले पिपरी के दुर्गापुर गांव में मिली पानीपत के नरेंद्र सिंह की हत्या के तार हरियाणा के पानीपत से भी जुड़े हुए हैं। हत्या के खुलासे में लगी जिले की एसओजी टीम ने मामले में तीसरे दिन पिपरी इलाके के रहने वाले शिवपूजन नाम के एक युवक को हिरासत में लिया है। नामजद आरोपी घनश्याम और संदिग्ध युवती घटना के बाद से अभी भी फरार हैं। पुलिस को दोनों की तलाश है। पुलिस अगले कुछ दिनों में पानीपत पहुंचने की तैयारी में हैं।
हरियाणा का पानीपत निवासी नरेंद्र सिंह और पिपरी के जवई निवासी घनश्याम की गहरी दोस्ती थी। घनश्याम पानीपत के एक धागा फैक्ट्री में काम करता है। इस दौरान पानीपत निवासी नरेंद्र सिंह से घनश्याम की नजदीकी बढ़ी तो नरेंद्र अक्सर घनश्याम के साथ उसके गांव जवई आने जाने लगा। एक सप्ताह पहले नरेंद्र सिंह और घनश्याम एक संदिग्ध युवती के साथ गांव इलाके में देखे गए थे।
चार दिन इसके बाद चार दिन पहले नरेंद्र सिंह का शव पिपरी के दुर्गापुर गांव में संदिग्ध और लावारिस हालत में मिला तो इलाके में सनसनी मच गई। ओलिस ने मामले में छानबीन शुरू किया तो एक लावारिस स्विफ्ट डिजायर कार सरायअकिल के सुरसेनी गांव के बाहर मिली। इस पर पुलिस हरकत में आई और कार की तलाशी लिया तो दुर्गापुर गांव में मिले शव की शिनाख्त पानीपत के नरेंद्र सिंह के रूप में हुई। मामले में पुलिस ने अपनी जांच की सुई और आगे बढ़ाई तो घनश्याम और और एक संदिग्ध युवती के शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने मामले ने गायब चल रहे घनश्याम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
बृहस्पतिवार को जिले की एसओजी टीम ने पिपरी इलाके के एक बाजार में संचालित नर्सिंग होम में रहने वाले शिवपूजन नाम के एक युवक को हिरासत में लिए है । पुलिस हिरासत में आये शिवपूजन ने भी नरेंद्र सिंह की हत्या करने का आरोप घनश्याम पर ही मढ़ा है। अब पुलिस को गायब चल रहे घनश्याम और इलाके में देखी गई संदिग्ध युवती की तलाश है। पुलिस को शक है कि नरेंद्र सिंह की हत्या के तार पानीपत से जुड़े हुए है। इसको लेकर पुलिस पानीपत पहुंचने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूरे प्रकरण का राजफांस गायब घनश्याम और संदिग्ध युवती ही बताएंगे।
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