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आरोग्य मेलों की हकीकत: कहीं डॉक्टर मौजूद, कहीं स्टाफ के भरोसे इलाज

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मंझनपुर ​स्थित अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का उपचार करती डाॅक्टर।   संवाद
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जिले के 36 स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन-आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। बदलते मौसम के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, एलर्जी और शुगर के मरीजों की संख्या अधिक रही। कहीं डॉक्टरों की मौजूदगी में इलाज हुआ तो कहीं स्टाफ के भरोसे मरीजों का उपचार किया गया।
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मंझनपुर अर्बन पीएचसी की प्रभारी डॉ. रिया शर्मा ने बताया कि दोपहर एक बजे तक 22 मरीजों का उपचार किया गया और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेवां में करीब 20 मरीजों का इलाज हुआ, जहां अधिकतर एलर्जी और शुगर के मरीज रहे। डॉ. चंद्रशेखर और फार्मासिस्ट विजय शंकर सिंह पटेल सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
पीएचसी चंदीपुर में दोपहर 12.28 बजे तक डॉ. सदफ सिद्दीकी ने 15 मरीजों का इलाज किया, हालांकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थे। अर्बन पीएचसी सईगंज में डॉ. सूची गुप्ता ने 20 मरीजों का उपचार किया, जबकि पीएचसी चमरूपुर में ओपीडी 26 तक पहुंच गई।
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वहीं, नेवादा पीएचसी में स्थिति अलग नजर आई। यहां डॉक्टरों की अनुपस्थिति में कुष्ठ रोग के सुपरवाइजर अशरफ मरीजों की जांच करते पाए गए। फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन मौजूद रहे। दोपहर 12:45 बजे तक यहां 20 मरीजों की ओपीडी और पांच की खून जांच हुई।
नेवादा पीएचसी में आरोग्य मेले के दौरान डॉक्टरों का अनुपस्थित होना गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संजय कुमार, सीएमओ

मंझनपुर स्थित अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का उपचार करती डाॅक्टर।   संवाद

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