दोआबा की पुलिस व जिला पंचायत के जिम्मेदारों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फरमान कोई मायने नहीं रखता है। तभी तो सीएम के सख्त आदेश के बावजूद विभिन्न थाना क्षेत्रों के दर्जन भर स्थानों पर जिला पंचायत के ठेकेदार बेखौफ होकर खनिज वाहनों से अवैध वसूली कर रहे हैं। जबकि, सीएम ने सड़कों पर खनिज वाहनों से अवैध वसूली मिलने पर अपर मुख्य अधिकारी के साथ ही संबंधित थानेदार को निलंबित करने का निर्देश दे रखा है।
जिला पंचायत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए जिले के तिल्हापुर (रुसहाई महरानिया का पूरा), सैदपुर/औंधन, कटैया, उमरवल, जमुनापुर, पभोषा(बड़हरी), कटरी/डेढ़ावल, ऐगवां, दिया उपरहार आदि घाटों से निकलने वाले बालू, मोरंग का परिवहन करने वाले वाहनों से शुल्क वसूली का ठेका दे रखा है। इसमें शर्त है कि ठेकेदार द्वारा बालू मोरंग उद्गम स्थल पर ही बिना बैरियर लगाए खनिज वाहनों से शुल्क वसूला जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग, राष्ट्रीय मार्ग, मुख्य जिला मार्ग, अन्य किसी भी मार्ग अथवा ऐसे किसी भी स्थान पर जहां से आवागमन में व्यवधान हो, वसूली नहीं होगी।
इसके बावजूद जिला पंचायत के ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। बताते चलें कि शासन के निर्देश पर एक जुलाई से 30 सितंबर तक के लिए नदी से बालू खनन बंद है। ऐसे में खनिज वाहनों से वसूली भी नहीं की जानी चाहिए। इसके बावजूद जिले में महेवाघाट कोतवाली के हिनौता मोड़, हिनौता गांव, टिकरा, गौरा, पश्चिमशरीरा कोतवाली के भगवतपुर, पिपरी के तिल्हापुर व सरायअकिल क्षेत्र के कनैली आदि स्थानों पर भंडारित बालू के समीप जिला पंचायत के ठेकेदार छप्पर डालकर खनिज वाहनों से जबरन वसूली कर रहे हैं।
लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएम के अपर मुख्य सचिव गृह ने इस बाबत सभी जिलों के डीएम और एसपी को पत्र लिखा है। इसमें जिपं. के ठेकेदारों द्वारा खनिज वाहनों से की जा रही अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने के लिए कहा गया है। इसके बाद भी खनिज वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर अपर मुख्य सचिव के साथ ही संबंधित थानेदार को निलंबित करने की चेतावनी दी गई है।
निर्धारित दर से डेढ़ गुना वसूल रहे ठेकेदार के गुर्गे
जिला पंचायत ने बालू मोरंग उद्गम स्थल से खनिज वाहनों वाहनों के जरिए वसूली के लिए शुल्क भी निर्धारित कर रखा है। लेकिन ठेकेदार के गुर्गे मनमाने तरीके से निर्धारित दर से डेढ़ गुना शुल्क वसूल रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार ट्रैक्टर के लिए निर्धारित दर 50 रुपये की जगह 100, छह चक्का ट्रक/डंपर से 150 की जगह 200 रुपये तथा दस चक्का या इससे ऊपर के वाहनों से 200 की जगह 300 रुपये शुल्क वसूला जा रहा है। इसे लेकर ठेकेदार के गुर्गों और वाहन चालकों के बीच दिनभर कहासुनी होती रहती है। बदले में दी जाने वाली रसीद में किसी तरह की दस्तखत या मोहर भी नहीं रहती है।
शासन का आदेश मिला है। खनिज वाहनों से शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाने के लिए जिला पंचायत एवं पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया जाएगा। इसके बाद भी वसूली की गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -सुजीत कुमार-डीएम
मामला संज्ञान में है। खनिज वाहनों से शुल्क वसूली पर रोक लगाने के लिए थानेदारों का निर्देशित किया जाएगा। इसके बाद भी शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-राधेश्याम विश्वकर्मा-एसपी