श्रीराम विश्राम स्थल तक आने वाले पर्यटक के अलावा आसपास के करीब 25 गांव के लोगों का सफर डग्गामार वाहनों के भरोसे है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चरवा नगर पंचायत से आने-जाने के लिए बस सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां से समसपुर, काजू, हरदुवा, टाटा समेत 25 गांव के लोग प्रयागराज और मंझनपुर से सफर करते हैं। इसके अलावा निजी वाहन की बुकिंग करके अयोध्या, चित्रकूट, सहित अन्य स्थानों के पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं।
स्थानीय स्तर पर इनके लिए मात्र ई-रिक्शा व सीएनजी वाहन ही सहारा है। यहां से 10 किमी दूर मनौरी बाजार से बस पकड़ना पड़ता है।
इस कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस नहीं मिलने से विभिन्न स्थानों पर जाने वाले छात्र-छात्राओं और ग्रामीण कही पहुंचने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने इस मार्ग पर रोडवेज बस के संचालन की मांग की है। कस्बे के जानकीशरण दुबे, रामदत्त, अंकित सरोज, प्रवीण उपाध्याय आदि ने बताया कि इस मार्ग पर रोडवेज बस के संचालन न होने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कस्बे से रोडवेज बस का संचालन न होने से लोगों को सीएनजी व ई-रिक्शा के सहारे यात्रा करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। - मैकू लाल, पूर्व प्रधान
चरवा के एक निजी अस्पताल में स्टॉप नर्स का काम करती हूं। इसके लिए रोजाना प्रयागराज से आना पड़ता है। मनौरी तक तो सही है, इसके आगे ई-रिक्शा से आना पड़ता है। - शाहीन परवीन, प्रयागराज
मार्ग का पहले सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट डीआरएम कार्यालय भेजी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद रोडवेज बस का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - गंगाशंकर शर्मा, डिपो इंचार्ज मंझनपुर
शाहीन परवीन, प्रयागराज