नगर पालिका भरवारी के कर्मचारी की मां का शव नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी से श्मशान घाट तक ले जाया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका वीडियो वायरल होते ही मुद्दा चर्चा आ गया। बाद में कर्मचारी ने बयान जारी किया कि यह उसका व्यक्तिगत निर्णय था। ईओ ने मामले से अनभिज्ञता जताई।
भरवारी के वार्ड सात निवासी पालिका कर्मचारी शुभम मिश्र की मां बुद्धि देवी (50) करीब एक साल से बीमार थीं। शनिवार सुबह उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए उन्होंने नगर पालिका से वाहन मांगा। उन्हें कूड़ा गाड़ी उपलब्ध कराई गई। इसी से वह शव लेकर संदीपन घाट पहुंचे। इसी बीच किसी ने शव ले जाने का वीडियो वायरल कर दिया। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी ऐसे किसी भी वीडियो की पुष्टि नहीं करती।
फिलहाल, मामला सुर्खियों में आया जिम्मेदारों से सवाल जवाब शुरू हो गए। शाम करीब पांच बजे सूचना विभाग ने ईओ राम सिंह का वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि पालिका की गाड़ी से शव ले जाने के मामले में उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली थी। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस हमेशा आम लोगों के लिए उपलब्ध रहती हैं।
वहीं शुभम मिश्र ने कहा कि मां के निधन के बाद उनके कहने पर पालिका की गाड़ी भेजी गई थी। गाड़ी पर कूड़ा गाड़ी लिखा जरूर था लेकिन वास्तव में उसका उपयोग शव ले जाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें गलत है। प्रशासन की इसमें कोई गलती नहीं है।