पूरामुफ्ती में हुए भीषण हादसे के वक्त घटनास्थल पर मौजूद लोग घंटों बाद भी खौफजदा दिखे। काफी देर तक तो वह कुछ बोलने की स्थिति में ही नहीं रहे। हालत कुछ सामान्य होेने पर बताया कि मौत उन्हें छूकर निकल गई। उनका कहना था कि बेकाबू रफ्तार से दौड़ रही पिकअप अचानक सामने आई और जब तक कोई कुछ समझ पाता, वह तीन लोगों को रौंद चुकी थी। तीनों लोग मृत पड़े थे तो घायल होने वाले तीन अन्य लोग खून से लथपथ चीख रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि ऐसा भयानक दृश्य उन्होंने अपनी जिंदगी में नहीं देखा।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पिकअप की रफ्तार देख एक पल केलिए तो ऐसा लगा कि मानो कोई नहीं बचेगा। जो जहां था, वह अपनी जान बचाकर भागा। न किसी को चप्पल की परवाह थी और न ही किसी को अपनी बाइक व कार की। पिकअप की टक्कर से एक कार और दो बाइकें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पिकअप के दीवार से भिड़ते ही तेज धमाके जैसी आवाज हुई और फिर एक पल के लिए आंखों के सामने अंधेरा सा छा गया।
अगले पल में आंखों के सामने जो नजारा दिखा, उसने दिल दहला दिया। तीन ग्रामीण मृत पड़े थे जबकि तीन अन्य खून से लथपथ हाल में दर्द से चीख रहे थे। उन्हें गंभीर चोट आई थी और मौके पर काफी खून भी बिखरा हुआ था। यह देख रोंगटे तक खड़े हो गए। उधर जोरदार टक्कर से घर की चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। कुछ ही देर में आसपास के लोग और मृतकों व घायलों के परिजन भी आ गए और फिर उनकी चीख-पुकार से पूरे बाजार में कोहराम मच गया।
पहली बार देखा ऐसा भयानक मंजर
चर्चा रही कि पूरामुफ्ती बाजार में हादसे तो अक्सर होते रहते हैं, लेकिन ऐसा मंजर पहली बार देखने को मिला। दरअसल पहले यहां ब्रेकर नहीं हुआ करता था। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान स्थानीय लोगों की मांग पर स्पीड ब्रेकर बनवाया गया। इसके बाद से छिटपुट तो हादसे हुए लेकिन ऐसी घटना कभी नहीं हुई।
मृतकों की आपस में थी गहरी दोस्ती
पूरामुफ्ती बाजार में हुए हादसे में जान गंवाने वाले भगवानदीन कुशवाहा का डॉक्टर सोहन लाल पाल से गहरी दोस्ती थी। लोगों ने बताया कि नंदकिशोर पटेल और प्रदीप बाबा प्रतिदिन सोहन लाल की क्लिनिक पर जाकर बैठते थे। शुक्रवार की सुबह जैसे ही भगवानदीन कुशवाहा को सोहन लाल के हार्ट अटैक से मौत होने की जानकारी हुई तो उनसे रहा नहीं गया और वह सोहन लाल के घर पहुंचे और उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए चर्चा कर ही रहे थे कि मूरतगंज की तरफ से काल बनकर आई पिकप गाड़ी ने सभी की रौंद दिया।
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पिकअप चालक ने थाने में घुस कर बचाई जान
हादसे के बाद पिकप चला रहे चालक को मौके पर लोगों ने घेर लिया। उसके साथ पिकअप की केबिन में बैठे तीन अन्य मजदूर भी लोगों के बीच फंस गए। इस दौरान पिकअप चालक अपने तीन साथियों को लेकर पूरामुफ्ती थाने पहुंचा। यहां पर पुलिस ने सभी लोगों को हिरासत में लेकर लॉकअप में बंद कर दिया। इंस्पेक्टर अरविंद तिवारी ने बताया कि यदि समय रहते पिकअप के चालक और उसके तीन अन्य साथियों पर ध्यान नहीं दिया जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि पिकअप और उसके चालक सहित तीन अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। चालक के साथ रहे तीन अन्य लोग मजदूर हैं। अभी पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।
बस्ती से शराब की दुकानें हटाने की उठाई मांग
पूरामुफ्ती बाजार में मृतकों के शवों को लेकर सड़क पर बैठे परिजन और साथ रहे लोगों ने पुलिस से मांग की कि उनकी बस्ती से शराब की दुकानें तुरंत हटाई जाएं। लोगों ने बताया कि इसी शराब की दुकान पर लोग शराब पीने के लिए आते हैं। शराब पीने के कारण पिछले छह महीने में आधा दर्जन से अधिक घटनाएं भी हो चुकी हैं। सीओ सेकेंड संतोष सिंह ने शराब की सभी दुकानों को बस्ती से बाहर हटाने का आश्वासन दिया।
Sound like a bang, then darkness fell in front of the eyes- फोटो : KAUSHAMBI
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