सरसवां ब्लाॅक क्षेत्र की रायपुर उपरहार पेयजल योजना का काम किसी तरह पूरा होने के बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। वजह महज 10 मीटर के आउटलेट का निर्माण नहीं करना है। ऐसे में पांच करोड़ की योजना छह माह से धूल फांक रही है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत 496.30 लाख रुपये की लागत से रायपुर उपरहार पेयजल परियोजना का निर्माण किया गया है। हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए बनाई गई परियोजना से पलरा, सेंगरहा, रायपुर, पोतनिहा का पूरा, घासीपुर, कोरियन पूरा के हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति प्रस्तावित है।
पूर्व में निर्धारित की गई समय सीमा के मुताबिक 31 मार्च 2024 तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन लापरवाही की वजह से एक साल बाद काम पूरा हो सका।
पंप हाउस, ओवरहेड टंकी, विद्युत कनेक्शन, पाइपलाइन फिटिंग आदि सभी काम पूरे हो चुके हैं। टंकी में पानी भरकर परीक्षण भी हो चुका है। अब केवल 10 मीटर का एक आउटलेट पाइप टंकी से सप्लाई लाइन में जोड़ना बाकी है।
मामले की जानकारी होने पर जल निगम के सहायक अभियंता रामेश्वर निराला ने बताया कि कार्यदाई संस्था बाबा इंफ्रा के प्रतिनिधि से जवाब मांगा गया था। आउटलेट पाइप जोड़ने के लिए मजदूर नहीं मिलने के कारण कार्य पूरा नहीं हुआ। कार्यदाई संस्था ने इसके लिए डेढ़ माह का समय मांगा है।
- जब से सुना था कि गांव में पाइनलाइन से पानी मिलेगा, खुशी हुई थी। देखते-देखते तीन साल बीत गया पानी नहीं मिला। अब बताया जा रहा है कि 10 मीटर पाइप नहीं जोड़ा गया है। डेढ़ माह के बाद पानी मिलेगा। - रजिया, ग्रामीण
- पाइप जोड़ने की जिम्मेदारी जिनकी है, उनपर सख्ती की जाए। ऐसे में बिना प्रयोग के तो पाइपलाइन और खराब हो जाएगी। फिर हम लोगों को ही परेशानी उठानी पड़ेगी। - हसीना बीबी, ग्रामीण
सहायक अभियंता को निर्देशित किया गया है कि रायपुर उपरहार पेयजल योजना से सेंगरहा, रायपुर, पलरा और घासीपुर में तुरंत पेयजल आपूर्ति चालू कराएं। इससे संबंधित जो भी समस्या हैं, उसे तत्काल दूर करने का निर्देश दिया गया है। -जैपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम
पानी टंकी के इसी स्थान पर बनाया जाना है आउटलेट। संवाद
पानी टंकी के इसी स्थान पर बनाया जाना है आउटलेट। संवाद