मुसाफिरों की सुविधा को देखते हुए रोडवेज ने मंझनपुर के रास्ते महेवाघाट-प्रयागराज मार्ग पर छह नईं बसें दी हैं। हालांकि, यह बसें कौशाम्बी डिपो की नहीं हैं। लीडर रोड व जीरो रोड डिपो की बसों को इस रूट पर लगाया गया है। इससे मंझनपुर के रास्ते प्रयागराज जाने वाले मार्ग पर बसों की संख्या 19 से बढ़कर 25 हो गई है। इससे यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।
कौशाम्बी जिले में लीडर रोड डिपो के अलावा बांदा व वाराणसी की कुल 19 बसों का बांदा से प्रयागराज, सरायअकिल से कानपुर, पश्चिमशरीरा से कानपुर तक संचालन होता था। बसों की संख्या काफी कम होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यात्रियों के गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार बसों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस बाबत अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को 25 साल बाद भी डग्गामार वाहनों से सफर करने को मजबूर 18 लाख लोग शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर को संज्ञान में लेकर परिवहन विभाग ने जीरो रोड डिपो व लीडर रोड डिपो की छह और नई बसों को इस रूट पर उतार दिया। इन बसों के संचालन से यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।
पेयजल को लेकर यात्रियों ने किया हंगामा
रोजवेज बस डिपो में पानी का इंतजाम नहीं है। यहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी खुद 20 रुपये डिब्बे का पानी पीने के लिए खरीदते हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे महेवाघाट की तरफ से आकर एक रोडवेज बस डिपो पर रुकी। उसी वक्त पानी सप्लायर भी आ गया। यात्रियों ने डिब्बे का पानी पीने के साथ ही उसे बोतलों में भरना शुरू किया तो कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर मुसाफिर हंगामा करने लगे। बाद में बस चालक ने हार्न बजाकर चलने का इशारा किया तो मुसाफिर गाड़ी में बैठकर गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
मुसाफिरों की दिक्कत को देखते हुए छह नई बसों का संचालन प्रयागराज-महेवाघाट मार्ग पर किया गया है। यह बसें मुख्यालय मंझनपुर से गुजरेंगी। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
प्रेम कुमार, एआरएम लीडर रोड