अपर जिला जज त्वरित न्यायालय कीर्ति कुणाल की अदालत ने मंगलवार को हत्या के एक अहम मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने महिला के हत्यारोपी देवर को दोषी करार दिया और आजीवन कारावस की सजा सुनाते हुए 15 हजार का अर्थदंड लगाया है। फैसला आते ही देवर को पुलिस ने कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।
अभियोजन के अनुसार चित्रकूट जनपद के राजापुर चिल्ली राकस निवासी नत्थू प्रसाद की पुत्री सुमन देवी की शादी महेवाघाट कोतवाली के मवई गांव के लालजी के साथ हुई थी। लालजी दिव्यांग था। जिसका फायदा उठाकर लालजी का छोटा भाई पल्टू अपनी भाभी सुमन को अक्सर प्रताड़ित करता था। आरोप है कि पल्टू अपनी भाभी से अवैध संबंध के लिए दबाव बनाता था। 27 अप्रैल वर्ष 2016 को भी उसने सुमन पर नाजायज संबंध के लिए दबाव बनाया।
विरोध करने पर भाभी की पिटाई कर मिट्टी का तेल छिड़क जिंदा जला दिया। इससे सुमन की मौत हो गई। मृतका की मां मन्नी देवी ने महेवाघाट कोतवाली में घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज त्वरित न्यायालय में चली। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनुरुद्घ कुमार ने घटना के चश्मदीद महिला के आठ वर्षीय बेटे अमरीश समेत आठ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने पल्टू को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
Sister-in-law's killer sentenced to life imprisonment