इसके पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं छेद्दू
इसके बाद 2017 के विस चुनाव में भी छेद्दू ने अपनी किस्मत आजमाई लेकिन हार का सामना करना पड़ा। लोकसभा के लिए 2014 व 2019 में हुए चुनाव के दौरान भी छेद्दू ने नामांकन किया लेकिन वह सदन तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो सके। इस बार फिर वह सिराथू विधान सभा सीट से प्रत्याशी है। शनिवार को छेद्दू ने अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन के दौरान उनके साथ प्रस्तावक के तौर पर दस महिलाएं रही। इसे लेकर छेद्दू ने संदेश दिया कि अगर आधी दुनिया का मत एक गरीब को मिले तो वह सदन पहुंच कर उनकी आवाज बन सकता है। छेद्दू ने अपने हलफनामे में दर्शाया है कि उसके पास 20 हजार और पत्नी के पास 10 हजार रुपये नकद हैं। पति-पत्नी दोनों के खाते में पांच-पांच सौ रुपये हैं। आपराधिक मुकदमा एक भी नहीं है। वाहन के नाम पर सिर्फ के पास सिर्फ एक साइकिल है।
पूर्व विधायक की पत्नी से जीत गया था छेद्दू
वर्ष 2015 में हुए जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 14 से पूर्व विधायक वाचस्पति की पत्नी मधुपति मैदान में थीं। मधुपति के खिलाफ छेद्दू ने भी चुनाव लड़ा था। उस दौरान सपा की सरकार थी और वाचस्पति सपा की राजनीति करते थे। क्षेत्र का नगियामई एक ऐसा बूथ था जहां मधुपति को छेद्दू के सामने करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस बूथ पर छेद्दू को 472 मत मिले थे जबकि मधुपति को 56 मतों से ही संतोष करना पड़ा था।