जिले के निजी अस्पतालों का गजब हाल है। यहां तो अधिकतर नर्सिंग होम बगैर डॉक्टर के ही संचालित हो रहे हैं। वहीं, कुछ अस्पताल बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के औचक निरीक्षण में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित तीन अस्पतालों को सील कर दिया गया,जबकि बिना डॉक्टर के संचालित दर्जनभर अस्पतालों को नोटिस दिया गया। इस कार्रवाई से निजी नर्सिंग होम संचालकों में खलबली है।
डिप्टी सीएम 27 जून को जिले के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्हें जनपद में फर्जी नर्सिंग होम संचालन की शिकायत मिली थी। इस पर उन्होंने सीएमओ को निजी अस्पतालों का निरीक्षण कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में शुक्रवार को सीएमओ डॉ.सुष्पेंद्र कुमार ने दो टीमें बनाकर विभिन्न अस्पतालों का औचक निरीक्षण कराया।
पहली टीम में शामिल एसीएमओ डॉ.रामानुज कनौजिया, डिप्टी सीएमओ डॉ.हिंद प्रकाश मणि ने मुख्यालय मंझनपुर में संचालित न्यू सत्यम हॉस्पिटल, मिड सिटी हाॅस्पिटल, शिवनायक हाॅस्पिटल, जीवनदायिनी हाॅस्पिटल, लाइफ केयर हाॅस्पिटल, न्यू शांति हाॅस्पिटल ऐसे मिले, जहां नामचीन डॉक्टरों के बोर्ड तो मिले पर चिकित्सक नहीं मिले।
इस पर सभी के संचालकों को नोटिस जारी किया गया। वहीं, बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित प्रत्यूस हाॅस्पिटल, नारायण हाॅस्पिटल व दांत का अस्पताल सील कर दिया गया।
इसी तरह द्वितीय टीम में शामिल डिप्टी सीएमओ डॉ.अजय कुशवाहा एवं डॉ.केडी सिंह ने ओम शांति पॉली क्लीनिक गुलामीपुर, आरोग्य क्लीनिक कल्यानपुर, शिव कुमार हॉस्पिटल कसिया-ककोढा, होप हाॅस्पिटल भरवारी रोड-मूरतगंज, उपकार हाॅस्पिटल मूरतगंज का औचक निरीक्षण करते हुए नोटिस जारी किया गया।
सीएमओ ने अपंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठानों, डायग्नोस्टिक सेंटर संचालकों को चेतावनी दी कि वे नियमानुसार अपना पंजीकरण करा लें। अन्यथा अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। इसी प्रकार झोलाछाप को भी तत्काल चिकित्सीय कार्य बंद करने की चेतावनी दी है।