कड़ाधाम के गिरधपुर गढ़ी में रविवार रात छोटी बहन के लिए झूला डालते वक्त रस्सी फंसने से बालक की मौत हो गई। हादसा कुंडे में रस्सी फंसाने के दौरान हुआ। पैर फिसलने से रस्सी बच्चे के गले में फंस गई थी। भाई को फंदे से फंसा देख बहन चीखने लगी। आसपास के लोग मदद को पहुंचे, लेकिन तब तक दम घुटने से बालक की मौत हो चुकी थी।
गिरधरपुर गढ़ी निवासी रामबाबू किसान हैं। उनका सात साल का बेटा सूरज गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। रविवार सुबह रामबाबू अपनी पत्नी के साथ गेहूं की फसल काटने खेत गए थे। घर में सूरज व उसकी तीन साल की बहन गुड़िया ही थी। ग्रामीणों का कहना है कि सूरज अपनी बहन के साथ घर में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह बहन के लिए झूला डालने लगा। साइकिल पर चढ़कर छत के कुंडे में झूले की रस्सी फंसाई। इसके बाद नीचे उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया। इससे साइकिल के साथ वह भी गिर पड़ा।
बहन के चिल्लाने पर पहुंचे आसपास के लोग, तब तक थम चुकी थीं सांसें
इसी बीच झूले की रस्सी उसके गले में फंस गई। फांसी का फंदा लगने के बाद वह तड़पने लगा। भाई को छटपटाता देख गुड़िया भी रोने व चीखने लगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ कर पहुंचे। जब लोगों की नजर फंदे पर लटके बालक पर पड़ी तो होश उड़ गए। ग्रामीणों ने सूरज को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।
खेत से लौटने के बाद घर वाले बालक को क्षेत्र के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर शाम परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही अंतिम संस्कार कर दिया। थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी से इंकार किया है।