कौशाम्बी के कोसम इनाम स्थित ऐतिहासिक राजा उदयन पैलेस के संरक्षण और मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के माध्यम से महल के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृति दे दी है। विभाग ने पहले चरण के कार्यों की तैयारी भी शुरू कर दी है।
मरम्मत अभियान के तहत सबसे पहले परिसर की फेंसिंग कराई जाएगी, ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही महल के मुख्य द्वार पर बने पत्थर के बुर्जों की मरम्मत का कार्य भी शुरू होगा। इसके लिए राजस्थान से विशेष प्रकार के पत्थर मंगाए गए हैं, जिनका उपयोग संरचना के अनुसार मरम्मत में किया जाएगा।
पहले चरण का कार्य पूरा होने के बाद मुख्य द्वार से महल तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इससे पर्यटकों और शोधार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस ऐतिहासिक स्थल का पर्यटन की दृष्टि से भी विकास होगा।
स्थानीय निवासी शिवपूजन यादव, धर्मनारायण, कौशिक अग्रहरि, जयप्रकाश त्रिपाठी, मोहन मिश्रा और रोहित यादव ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि महल के संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं के विकास से कौशाम्बी के ऐतिहासिक व पर्यटन महत्व को नई पहचान मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बजट के अनुसार सभी आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरम्मत का उद्देश्य राजा उदयन पैलेस की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना है।
कर्मवीर तिवारी, कंजर्वेशन असिस्टेंट (सीए),भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण