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कस्तूरबा गांधी बालिका इंका भरवारी की प्रधानाचार्य निलंबित

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नगर पालिका परिषद में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य नीलम को निलंबित कर दिया गया। प्रबंधतंत्र की बैठक में प्रधानाचार्य पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए निलंबन की संस्तुति की गई।
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साथ ही इसका पत्र डीआईओएस कार्यालय को भेज दिया गया। वहीं, प्रधानाचार्य ने भी प्रबंधक पर कोरोना काल में छात्राओं से अतिरिक्त फीस के नाम पर अवैध वसूली कराने का आरोप लगाया है।
कस्तूरबा गांधी कन्या इंटर कॉलेज भरवारी में प्रबंधतंत्र और प्रधानाचार्य के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। रविवार को प्रबंधक पितंबरलाल की अगुवाई में प्रबंध कमेटी की बैठक हुई। 13 सदस्यीय कमेटी में से नौ सदस्य बैठक में उपस्थित हुए। बैठक में प्रबंध कमेटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज की प्रधानाचार्य ने पिछले चार सालों में तकरीबन सवा करोड़ रुपये एकत्र किए।
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इन पैसों का प्रधानाचार्य ने कोई हिसाब नहीं दिया है। पूछने पर हमेशा टालमटोल करती हैं। इससे प्रतीत होता है कि प्रधानाचार्य ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की है। इसे देखते हुए प्रबंध कमेटी ने सर्वसम्मति प्रिंसिपल को निलंबित कर पत्र डीआईओएस को भेज दिया।
दूसरी तरफ प्रधानाचार्य नीलम का कहना है कि पिछले साल डीआईओएस और चायल विधायक संजय गुप्ता ने रजिस्टर की जांच-पड़ताल कर मुझे क्लीन चिट दी थी। प्रधानाचार्य ने कॉलेज प्रबंधक पर आरोप लगाया कि कोरोना काल में उन्होंने छात्राओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया था।
अवैध वसूली से इनकार करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, निलंबन का लिखित आदेश अभी तक उन्हें नहीं प्राप्त हुआ है। मामले में डीआईओएस एसके सिंह का कहना है कि वह अवकाश पर हैं। इसलिए प्रबंध कमेटी के निर्णय के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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