जिले के विभिन्न स्कूलों में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने वाला कथित दिव्यांग शिक्षक दुष्कर्म और अपहरण का आरोपी निकला। बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ से आई पुलिस ने एसओजी की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के यहां से छत्तीसगढ़ से भगाई गई नाबालिग लड़की बरामद हुई है। हालांकि किशोरी एक बच्चे की मां भी बन चुकी है। पुलिस सभी को अपने साथ ले गई है।
कोखराज कोतवाली के भदवां गांव का एक व्यक्ति दिव्यांग है। वह मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता है। वह कई साल से छत्तीसगढ़ में रह रहा था। इस दौरान उसने एक नाबालिग लड़की को प्रेमजाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर अपने साथ कौशाम्बी भगा ले आया। किशोरी के लापता होने के बाद उसके घरवालों ने छत्तीसगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस दौरान आरोपी का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। काफी प्रयास के बाद भी पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रही थी। इस बीच किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया। पिछले दिनों किशोरी ने यह खुशखबरी अपनी बहन को फोन पर दी तो परिजनों को उसकी जानकारी हुई। घरवाले खोजबीन करते हुए जिले में आए लेकिन आरोपी के घर में बाहर से ताला बंद मिला।
इस पर परिवार के लोगों ने छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया। सूचना पर बुधवार को छत्तीसगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और एसपी राधेश्याम से मुलाकात कर गिरफ्तारी में मदद मांगी। एसपी के निर्देश पर एसओजी प्रभारी संजय गुप्ता आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगाए गए।
बृहस्पतिवार को एसओजी के संयुक्त प्रयास से आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर लिया है। पुलिस उसे अपने साथ छत्तीसगढ़ ले गई है। यह वही आरोपी ट्रेनर है जिसे पुलिस विभाग की तरफ से पिछले एक साल में चार बार सम्मानित किया जा चुका है।