people of doaba stealing electricity worth four crores every month
जर्जर तार एवं उपकरणों साथ ही चोरी से बिजली का इस्तेमाल करने वालों ने विभाग का दिवाला निकाल दिया है। जनपदवासी हर महीने तकरीबन चार करोड़ रुपये की बिजली चोरी कर रहे हैं। यहां उपभोक्ताओं को सिर्फ 19 करोड़ रुपये का ही विद्युत बिल भेजा रहा रहा। शासन की सख्ती के बाद विभाग अब बिजली चोरी रोकने में जुट गया है।
जिले भर में 34 विद्युत उपकेंद्र व इनसे संबद्ध फीडरों की संख्या 150 के आसपास है। यहां लगभग दो लाख उपभोक्ता हैं। पॉवर कॉरपोरेेशन से जिले को हर महीने औसतन 48 मेगावाट बिजली मिलती है। लेकिन विभाग इसमें से सिर्फ 70 फीसदी का ही विद्युत बिल (लगभग 19 करोड़ रुपये) उपभोक्ताओं को भेज पा रहा है।
जबकि कटियामारी अथवा मीटर से छेड़छाड़ कर तकरीबन चार करोड़ रुपये की बिजली लोग चोरी से इस्तेमाल कर ले रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में इन दिनों 30 फीसदी लाइन लॉस हो रहा है। जबकि जर्जर तार और उपकरणों के जरिये बमुश्किल 10 से 15 प्रतिशत होना चाहिए। ऐसे में साफ है कि जनपद को मिलने वाली 15 से 20 फीसदी बिजली की चोरी हो रही है। शासन की सख्ती के बाद विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिए कवायद शुरू कर दी है।
11 फीडरों में हो रही सर्वाधिक बिजली चोरी
जिले के 34 उपकेंद्रों से संबद्ध करीब डेढ़ सौ फीडरों में से 11 ऐसे हैं जहां सर्वाधिक बिजली चोरी हो रही है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इन फीडरों में 60 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। इनसे जुडे़ गांवों के लोग बगैर कनेक्शन ही कटियामरी कर बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा बिजली चोरी वाले फीडर
विद्युत उपकेंद्र फीडर
घटमापुर घटमापुर
मनौरी आलमचंद्र
अंदावां शहजादपुर
कोखराज कशिया
म्योहर म्योहर
करारी अगियौना
गोपसासा जल निगम
मंझनपुर करारी
नरसिंहपुर कछुआ टांडा
कमालपुर कमालपुर
पश्चिमशरीरा दानपुर
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में कटियामारी की शिकायत ज्यादा है। करीब चार करोड़ रुपये कीमत की बिजली लोग चोरी से इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए फीडरों को चिह्नित कर जर्जर तार बदलकर केबल लगवाए जा रहे हैं। एरिया बंच कंडक्टर लगाकर सिर्फ वैध कनेक्शन जोड़ने का काम किया जा रहा है। साथ ही सघन अभियान चलाकर चेकिंग कराई जा रही है।
सुशील कुमार श्रीवास्तव-एसई, विद्युत