जनगणना 2027 के तहत बृहस्पतिवार से शुरू हुई स्व-गणना प्रक्रिया पहले ही दिन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। जिले के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन फॉर्म भरने के दौरान तकनीकी दिक्कतों से जूझते नजर आए।
सबसे ज्यादा शिकायत घर की लोकेशन मैपिंग, ओटीपी सत्यापन और भाषा चयन को लेकर सामने आई। मंझनपुर के ओसा निवासी रामकिशोर ने बताया कि मोबाइल पर पोर्टल खुल तो गया, लेकिन मैप पर घर की सही लोकेशन चिह्नित नहीं हो रही थी। कई बार कोशिश के बाद भी फॉर्म आगे नहीं बढ़ा।
वहीं, सरायअकिल की शांति देवी ने कहा कि ओटीपी आने में काफी देर लग रही थी, जिससे बार-बार प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ रही है। चायल क्षेत्र के युवक मोहित कुमार ने बताया कि एक बार अंग्रेजी भाषा चुनने के बाद उसे बदला नहीं जा सका। इससे परिवार का विवरण भरने में परेशानी हुई।
इंटरनेट की धीमी गति और तकनीकी जानकारी के अभाव में लोग जनसेवा केंद्रों और साइबर कैफे के चक्कर लगाते रहे। कई केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतार लगी रही।
भरवारी कस्बा स्थित जनसेवा केंद्र संचालकों ने बताया कि आधार से लिंक मोबाइल नंबर बंद होने, गलत विवरण और पोर्टल पर अधिक लोड के कारण लोगों के फॉर्म अधूरे रह जा रहे हैं।
स्व जनगणना में जिन लोगों को लोकेशन की समस्या आ रही है या किसी का गलत भरा गया है तो उन लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनके प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे और गलतियों को सुधारेंगे। -शालिनी प्रभाकर, एडीएम
डीएम ने स्वयं स्वगणना कर जनगणना-2027 अभियान का किया शुभारंभ
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने एनआईसी सभागार में स्वयं अपनी स्वगणना कर जनगणना-2027 के अंतर्गत स्वगणना कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने जनपदवासियों से सात मई से 21 मई 2026 तक निर्धारित अवधि में स्वयं और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने की अपील की। इस अवसर पर एडीएम शालिनी प्रभाकर सहित कलक्ट्रेट के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्वगणना की।