मौसम में बदलाव के साथ-साथ लोगों की खराब दिनचर्या और अनियमित खानपान अब बीमारियों का प्रमुख कारण बन गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीते कुछ दिनों में सर्दी-जुकाम, बुखार और पेट दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल के फिजिशियन विभाग की ओपीडी में डॉक्टरों का कहना है कि देर रात तक जागना, समय पर भोजन न करना और नींद की कमी से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। इससे वायरल संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं जो सिरदर्द, गले में खराश, बदन दर्द और अपाच्य जैसी शिकायतों से परेशान हैं। डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि जंक फूड और तैलीय भोजन का अत्यधिक सेवन भी पाचन तंत्र को प्रभावित कर रहा है। वहीं सुबह देर से उठने और नींद की कमी से शरीर की कार्यप्रणाली असंतुलित हो रही है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 250 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से 50 से अधिक मरीज इन्हीं बीमारियों से ग्रसित हैं। साथ ही इलाज के लिए आने वाले मरीजों को चिकित्सक, नियमित दिनचर्या अपनाएं, समय पर भोजन करें, पर्याप्त नींद लें और मौसम के अनुसार कपड़े पहननें के साथ ही संतुलित आहार, व्यायाम और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने की सलाह दे रहे हैं।