ग्राम पंचायत चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सीटों के आरक्षण की सूची तैयार कर ली है। इसकी एक प्रति अवलोकन के लिए जिलाधिकारी को भी भेजी जा चुकी है। इसमें गाइड लाइन का पूरा ख्याल रखा गया है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है। अधिकारियों ने निश्चित समय से पहले कुछ भी बोलने से इंकार किया है।
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के साथ ग्राम प्रधान पद का चुनाव कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शासनादेश के अनुसार डीपीआरओ ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों की सीटों की आरक्षण सूची बना ली है। जानकारों के मुताबिक इस बार के चुनाव में आरक्षण जनसंख्या पर आधारित होगा। सियासी जानकारों की मानें तो आरक्षण का यह काम जिला प्रशासन ने समय से पहले अनावश्यक पड़ने वाले दबाव से बचने के लिए किया है।
बताया जा रहा है कि आरक्षण सूची तैयार करने के बाद इसे जिलाधिकारी को अवलोकन के लिए भेज दिया गया है। इसके बाद ही वह अंतिम निर्णय लेंगे। बताया जाता है कि इस बार आरक्षण की प्रक्रिया में वे सभी सीटें अनारक्षित ही रहेंगी जो पिछले तीन अथवा चार पंचवर्षी से अनारक्षित ही थीं। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या जिले में शून्य होने से इसका लाभ अनुसूचित जाति को मिलेगा। इस संदर्भ में जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने फिलहाल कुछ भी बोलने से इंकार किया है। इनका कहना है कि अंतिम निर्णय लेने के बाद सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी।