मंझनपुर। बिना मान्यता के स्कूल संचालन करने अब महंगा पड़ेगा। जांच में पकड़े जाने पर स्कूल प्रबंधन को एक लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। शिक्षा निदेशक के निर्देश के बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों की जांच करने का निर्देश दिया है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत छह से 14 वर्ष के आयु बच्चों की शिक्षा के लिए जिले में 1090 परिषदीय व 360 मान्यता प्राप्त स्कूलों का संचालन किया जा रहा हैं। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने के बाद बिना मान्यता प्राप्त किए विद्यालय का संचालित करने पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी जिले में कई विद्यालय बगैर मानता के संचालित किए जा रहे हैं। शिक्षा निदेशक के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
बीएसए प्रकाश सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र की पड़ताल कर बगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों की सूची तैयार करें, जिससे विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। चेताया कि बगैर मान्यता के विद्यालय चलाने वालों पर एक लाख तक का जुर्माना लगाने के साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।