कान्हा के नाम पर बनी गोशालाओं में गोवंशों की स्थिति दयनीय है। जिले के 9,598 गोवंशों के हरे चारे पर इस वर्ष 8.70 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके बाद भी उन्हें न तो हरा चारा मिल रहा है न ही इलाज। बारिश में मवेशी कीचड़ से सने हैं।
43 गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों की तस्वीरें व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। पड़ताल के दौरान जिले की कई गोशालाओं में गोवंशों की हालत बेहद खराब दिखी। कई गोवंश शारीरिक रूप से कमजोर नजर आए। कई तो उठकर खड़े होने की हालत में नहीं थे।
गोआश्रय स्थलों में वर्ष 2026-27 में हरे चारे के लिए शासन ने 8.70 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। फिर भी चायल कस्बे की कान्हा गोशाला, खपरा खंदेवरा, करारी, म्योहर, बरियांवा, मूरतगंज के पल्हाना और मंझनपुर के कादिराबाद स्थित गोशालाओं में गोवंश बीमार हैं।
खपरा खंदेवरा में बीमार गोवंश कीचड़ में पड़ा था। मंगलवार को नेवादा के बरियांवा गांव स्थित गोशाला में तीन मवेशी बीमार मिले। मवेशियों के खाने के लिए सूखे भूसे के अलावा चोकर की व्यवस्था काफी दिनों से नहीं थी। म्योहर की गोशाला में भी गोवंशों की हालत चिंताजनक दिखी।
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भूसा खत्म तो कहीं पानी का संकट, कागज पर सब चकाचक
जिले की गोशालाओं की यह हकीकत नई नहीं है। चायल की कान्हा गोशाला में काम करने वाले केयरटेकर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गोशाला में अक्सर भूसा खत्म हो जाता है। चोकर के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा ही दिया जाता है। बीमार होने पर कभी-कभार डॉक्टर इलाज के लिए पहुंचते हैं। कई बीमार पशु तो दम तोड़ देते हैं। कमोबेश यही हाल कादिराबाद, बरियांवा, खपरा खंदेवरा, पल्हाना के गोशाला में तैनात केयर टेकर ने बताया।
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डीएम के निरीक्षण में भी मिली सफाई की खामी
मंगलवार को करारी की कान्हा गोशाला के निरीक्षण के दौरान डीएम डॉ. अमित पाल को साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। भूसा और हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता, पेयजल, सफाई और सीसीटीवी की क्रियाशीलता पूरी करने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जिले के सभी गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों की बराबर निगरानी की जा रही है। लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
सभी गोशालाओं में व्याप्त अनियमितता को लेकर सभी जिम्मेदारों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर केयरटेकर से लेकर सचिव तक सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जहां पर अव्यवस्था है उसे तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. अमिल पाल, डीएम