मारपीट मामले में तीन आरोपियों को चार साल की सजा
-एडीजे प्रथम की अदालत ने सुनाया फैसला, लगाया अर्थदंड
-पइंसा कोतवाली के अनेठा गांव में 13 साल पहले हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। एडीजे प्रथम राकेश कुमार पंचम की अदालत ने मंगलवार को जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को चार-चार साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर नौ-नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार 6 मई वर्ष 2009 को पइंसा कोतवाली इलाके के अनेठा गांव निवासी मेंहदी हसन अपने दरवाजे पर बैठा था। इसी दौरान पड़ोसी अजाज, एकलाख और लवकुश से मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर तीनों ने मेंहदी हसन को लाठी-डंडों से पीटकर मरणासन्न कर दिया था। मामले में मेंहदी की पत्नी गुलशन ने पइंसा कोतवाली में तीनों के खिलाफ तहरीर दी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में चली। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने कुल आठ गवाहों को प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान व पत्रावली में साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया। मंगलवार को अदालत ने अभियुक्तों को चार-चार साल की सजा सुनाते हुए नौ-नौ हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड नहीं अदा करने पर चार-चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का भी आदेश दिया।