थाना क्षेत्र के भगत का पुरा चौराहा के पास शनिवार को हुए सड़क हादसे में मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद परिजनों को पोस्टमार्टम कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। शव देर रात भाड़े के वाहन से गांव लाया गया। रविवार को मां-बेटे का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। इस हृदयविदारक दृश्य को देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
पलरा और सेंगरहा गांव के आठ लोग राजापुर हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन कर ई-रिक्शा से लौट रहे थे। इसी दौरान बैरमपुर की ओर से तेज रफ्तार लोडर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में माया देवी (40) पत्नी राजाराम साहू और उनका पुत्र अरुण साहू (17) की मौत हो गई। वहीं, छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों का शव शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा, लेकिन जरूरी कागजात में देरी होने के बाद नौ बजे पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों का आरोप है कि शव घर ले जाने के लिए कोई सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। अंत में उनको भाड़े के वाहन से 1500 रुपये खर्च कर शव गांव लाना पड़ा। रविवार को यमुना नदी के कटरी घाट पर मां-बेटे का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। पत्नी और बेटे को खो चुके राजाराम साहू का रो-रोकर बुरा हाल था।