टेवां गांव में सरकारी कार्य के दौरान लेखपाल से कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। एक ओर लेखपाल की तहरीर पर मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज हुआ है, वहीं दूसरी ओर थाने के बाहर देर रात तक धरना देकर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कई लेखपालों पर भी प्राथमिकी दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार मंझनपुर तहसील में तैनात लेखपाल बसंत कुमार सोमवार को बीट कांस्टेबल अरुण यादव के साथ टेवां गांव में जमीन विवाद का स्थलीय निरीक्षण करने गए थे।
आरोप है कि गांव के राजेश पांडे और उसके एक साथी ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए अभद्रता की, जातिसूचक शब्द कहे, जान से मारने की धमकी दी और शासकीय दस्तावेज फाड़ दिए। इस मामले में पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर क्षेत्राधिकारी सौरभ सामंत के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी है।
उधर, घटना के विरोध में सोमवार रात मंझनपुर थाने पहुंचे लेखपालों और अन्य लोगों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग के चलते प्रदर्शन किया। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। वीडियो फुटेज के आधार पर प्रदीप सिंह, विदेश, राजन, प्रमोद सहित चार नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी है। संवाद