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Kaushambi News: दंपती व बेटे समेत एक ही परिवार के चार लोगों को आजीवन कारावास

Thu, 12 Oct 2023 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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अ​भियुक्त असलम
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दंपती व बेटे समेत एक ही परिवार के चार लोगों को आजीवन कारावास
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करारी कस्बे के आजादनगर मोहल्ले में चार वर्ष पहले की गई थी महिला की हत्या
अपर जिला जिला जज प्रथम की अदालत ने सुनाया फैसला, दोषियों पर 25-25 हजार का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अपर जिला जिला जज प्रथम राकेश कुमार (पंचम) की अदालत ने बुधवार को हत्या के एक मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने दंपती व बेटे समेत एक ही परिवार के चार लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया।
करारी कस्बे के गढ़ही पर मोहल्ला निवासी असगर मदनी की बहन नसरीन जहां का निकाह पड़ोसी मोहल्ला आजाद नगर में रहने वाले निसार अहमद के साथ हुई थी। वर्ष 2011 में पति निसार की मौत के बाद नसरीन अपने बेटे अवैश के साथ रहती थी। 12 सितंबर 2019 की सुबह नसरीन के देवर मो. असलम, लईक, नफीस, देवरानी रेहाना बेगम व उसके बेटा गुलाम साबिर और मो. शहजाद ने मिलकर उस पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी। आग का गोला बनी नसरीन चीखते हुए बाहर की तरफ भागी तो पूर्व चेयरमैन मौलाबक्श व इश्तियाक ने आरोपियों को और उकसा दिया। इलाज के दौरान नसरीन की अस्पताल में मौत हो गई। नसरीन के भाई असगर मदनी की तहरीर पर करारी कोतवाली में नौ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना के बाद असलम, नफीस, लईक व उसकी पत्नी रेहाना और बेटे गुलाम साबिर समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमा अपर जिला जिला जज प्रथम प्रथम राकेश कुमार (पंचम) की अदालत में चला। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा ने दस गवाहों को अदालत में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलील व पत्रावली में मौजूद साक्ष्य के अभाव में अदालत ने नफीस अहमद को दोषमुक्त कर दिया। जबकि शेष असलम, लईक व उसकी पत्नी रेहाना और बेटे गुलाम साबिर को दोषी करार देते हुए फैसला सुना दिया।
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89 तारीख के बाद आया फैसला
मुकदमा सत्र न्यायालय को विचारण के लिए सिपुर्द किए जाने के बाद 89 तारीखें लगी। इस दौरान दस लाेगों की गवाही हुई। मुकदमे के त्वरित निस्तारण के लिए उच्च न्यायालय ने निर्देश दे रखा था। नतीजतन चार साल के भीतर मुकदमे का निस्तारण कर दिया गया।
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पुलिस की क्लीन चिट के खिलाफ वादी ने अदालत में दी थी अर्जी
मंझनपुर। मुकदमे में पूर्व चेयरमैन मौला बख्श समेत चार लोगों को पुलिस ने विवेचना में क्लीन चिट दे दी थी। इस पर वादी मुकदमा असगर मदनी अदालत में अर्जी देकर क्लीन चिट दिए गए आरोपियों को पुन: विचारण के लिए तलब किया जाने का अनुरोध किया था। वादी का आरोप था कि पूर्व चेयरमैन के राजनीतिक प्रभाव के कारण नसरीन के साथ होने वाले उत्पीड़न की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती थी। इसी के चलते मनबढ़ आरोपियों ने घटना को अंजाम दे दिया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद अर्जी खारिज कर दी थी।

अभियुक्त असलम

अभियुक्त असलम

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