Lawyers did not work against the Shahjahanpur incident
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर/ सिराथू। शाहजहांपुर में न्यायालय परिसर में अधिवक्ता की निर्मम हत्या के विरोध को लेकर प्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर कौशाम्बी जिला कचेहरी समेत तीनों तहसीलों के अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। कार्य बहिष्कार करते हुए मृतक अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा व सुरक्षा सहित सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
जिला कचेहरी के 48 खंभा में मॉडल डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पं. मनुदेव त्रिपाठी की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं की आम सभा हुई। सभा में अधिवक्ताओं ने शहजहांपुर की घटना की निंदा करते हुए न्यायकि कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित जनपद न्यायाधीश को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें मृतक अधिवक्ता के आश्रितों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया कराने की मांग की। इस मौके पर महामंत्री तुषार तिवारी, अंकुर शुक्ला, हरिणांक द्विवेदी, शशांक खरे, ममता कश्यप समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। इसी तरह सिराथू तहसील में भी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बालेंद्र धर द्विवेदी की अगुवाई में बैठक की गई। अध्यक्ष ने कहा कि कोर्ट परिसर में शाहजहांपुर के अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह की हत्या निंदनीय है।
घटना ने साबित कर दिया है कि अधिवक्ता समाज असुरक्षित है। बैठक में मृतक अधिवक्ता के घरवालों को 50 लाख रुपये व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की गई। साथ ही न्यायालय परिसर में शस्त्र लेकर आने में रोक व अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट तत्काल लागू करने आदि की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम विनय गुप्ता को सौंपा। इस दौरान संघ के महामंत्री श्यामलाल पाल, चौधरी करन सिंह, संजीव मिश्रा, जयदीप पांडेय, हरिमोहन गुप्ता, बद्री प्रसाद त्रिपाठी, अतुल श्रीवास्तव, वीरेंद्र पाल, सीताराम समेत तमाम लोग अधिवक्ता मौजूद रहे।
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