12 से 14 साल के किशोरों को कोविड महामारी से बचाव के लिए सुरक्षा कवच देने वाले अभियान की शुरुआत बुधवार से हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंझनपुर में वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ सीएमओ डॉ. केसी राय ने किया। टीकाकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य 67758 किशोरों के सापेक्ष सिर्फ 40 ही टीकाकरण के लिए पहुंचे थे।
जिले में 12 से 14 आयु वर्ग के 67758 किशोर-किशोरियों को महामारी से बचाव के लिए कोरोना टीका लगाया जाना है। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंझनपुर व सीएचसी सिराथू में वैक्सीनेशन के लिए सेंटर स्थापित किए गए। इन केंद्रों में अभियान से वंचित रहे बुजुर्गों को भी बूस्टर डोज दी जाने है।
सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को ही किशोरों को वैक्सीन लगाए जाने का आदेश मिला था। इस कारण प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। जानकारी के अभाव में किशोर-किशोरियां टीकाकरण कराने के लिए कम निकले। फिलहाल, सभी किशोरों को वैक्सीन लगाई जानी है। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी से भी मदद ली जा रही है। बुधवार को जिले के दोनों केंद्रों पर 40 किशोर-किशोरियों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया है।
घर के सभी लोगों को टीका लग चुका है। आज मैने भी टीका लगवाया। सुबह समाचार पत्र से मिली जानकारी के बाद मैने खुद ही अपने पिता को वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार किया। निर्धारित समय पर वैक्सीन की दूसरी डोज भी लगवाऊंगी।
अंशिका
गांव के तमाम लोग दूसरे राज्यों में नौकरी करते है। कोरोना की लहर के बाद वह लोग गांव लौटे। इस पर सभी को महामारी फैलने का डर सता रहा था। लॉकडाउन भी था, इस वजह से घर के अंदर रहना मजबूरी भी थी। अब टीका लगने के बाद मैं सुरक्षित महसूस कर रही हूं।
वैष्णवी
कोरोना महामारी के दौरान कई अपने करीबी भी महामारी की जद में आए थे। इस वजह से एक डर सा लोगों के दिलों में घर कर गया था। खासकर हम लोग खुद को ज्यादा असुरक्षित मान रहे थे। अब टीका लगने के बाद डर समाप्त हो गया है।
अनुराग
महामारी के समाप्त होने के बाद भी घर के लोग बेवजह बाहर जाने नहीं दे रहे थे। जब टीकाकरण होना शुरू हुआ तो उसमें किशोरों को शामिल नहीं किया गया। अब सरकार ने किशोरों का टीकाकरण कराकर अच्छी पहल की है।
प्रिंसी