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कौशाम्बीः गर्मी की हार, वोटर की जय जयकार

Tue, 07 May 2019 01:00 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशाम्बी
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विनोद सोनकर (भाजपा), शैलेंद्र कुमार (जनसत्ता दल), इंद्रजीत सरोज (गठबंधन) और गिरीश पासी (कांग्रेस) - फोटो : अमर उजाला
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मतदान केंद्रों पर छाया व पानी की व्यवस्था और करीब एक महीने से चल रहे जागरुकता अभियान का रंग लाया। 42 डिग्री सेल्सियस तापमान होने के बावजूद कौशाम्बी संसदीय क्षेत्र के युवा, प्रौढ़ और बुजुर्ग वोटर घरों से निकले और जमकर वोट पड़े। वोटरों के इस जोश ने संसदीय क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 53.87 प्रतिशत पहुंचा दिया। मतदान का यह आंकड़ा पिछले चुनाव की अपेक्षा 1.43 फीसदी अधिक रहा। शुरू के दो चुनावों को छोड़ दें तो 1962 से यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।
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कौशाम्बी में 2014 के लोकसभा चुनाव में 52.44 प्रतिशत मतदान हुआ था लेकिन इस बार यह रिकार्ड तोड़ने की होड़ मतदाताओं में सुबह से ही दिखने लगी थी। उन पर तेज धूप और ले थपेड़ों का भी कोई असर नहीं हुआ। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि हर दो घंटे के अंतराल पर करीब 10 फीसदी मतदान हुआ। कौशाम्बी के पांचों विधानसभा में सुबह नौ बजे तक 10.92, 11 बजे तक 21.45, दिन में एक बजे तक 31.89, तीन बजे तक 40.25, पांच बजे तक 48.72 तथा छह बजे तक 53.87 फीसदी मतदान हुआ।

विधानसभा क्षेत्रवार बात करें तो वर्ष 2014 के चुनाव में सर्वाधिक 54.72 प्रतिशत वोटिंग मंझनपुर में हुई थी। इसकी तुलना में इस बार यहां 57.12 प्रतिशत वोट पड़े। सिराथू में 54.31 फीसदी मतों के सापेक्ष इस बार 53.68 प्रतिशत मत पड़े। चायल में 51.68 की तुलना में इस दफे 55.80 फीसदी वोट पड़े। हालांकि प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा में 51.40 प्रतिशत मत पड़े। जबकि, पिछले चुनाव में 51.86 फीसदी मतदान हुआ था। वहीं बाबगंज में 49.13 के सापेक्ष 50.50 वोटरों ने मताधिकार का उपयोग किया।  समूचे लोकसभा क्षेत्र में 2014 में मतदान 52.44 प्रतिशत रहा था। इस बार यह 53.87 प्रतिशत है। मतदान में हुए इजाफा के पीछे वोटरों का उत्साह तो सबसे अहम रहा ही साथ में बूथों पर व्यवस्थाएं भी चौकस रहीं।
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