शादी कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह में शामिल सिंघिया चौकी के दोनों सिपाहियों को एसपी ने निलंबित कर दिया है। इन पर लगे आरोपों की जांच संबंधित सीओ को सौंपी गई है। हालांकि पीड़ित को सुबह से शाम तक कोतवाली में बैठाए रखने और उससे जबरन सुलहनामा लिखवाने वाले कोतवाल के खिलाफ अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसपी ने करारी में रहे उपनिरीक्षक विनोद पांडेय को भी कथित वसूली के पुराने मामले में वीडियो वायरल होने पर सस्पेंड कर दिया है।
फिरोजाबाद जिले के फरीहा थाना स्थित गढ़िया खास गांव निवासी रामवकील पुत्र अजब सिंह ने बताया कि दोस्तों के जरिए कुछ दिन पहले फोन पर उसकी बात महेवाघाट क्षेत्र के सरसवां निवासी शुभम पांडेय से हुई थी। तब शुभम ने कहा था कि वह मैरेज ब्यूरो चलाता है। शादी कराने का झांसा देकर चार जुलाई को शुभम ने रामवकील को ओसा चौराहा बुलाया था।
इसके बाद उसे कोखराज इलाके के बालकमऊ गांव ले गया। वहां मोनू पुत्र रामराज के घर पर लड़की दिखाई गई। बातचीत तय होने के बाद जालसाजों ने पीड़ित रामवकील से 45 हजार रुपये नकद लिया व करीब इतनी ही कीमत का गहना खरीदवाया। फिर गांव के बाहर मंदिर में शादी की रस्म शुरू हुई। आरोप है कि इसी बीच पूर्व निर्धारित योजना के तहत सिंघिया चौकी के सिपाही अमित कुमार तथा बब्लू यादव वहां पहुंच गए।
इन सिपाहियों ने शादी रुकवाने के साथ ही रामवकील को गाली-गलौज कर गहने, नगदी दिलाए बिना भगा दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि इन सिपाहियों का शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह से संपर्क है। ये ऐसा खेल कई बार कर चुके हैं। हमेशा नगदी, गहने लुटने के बाद वर पक्ष पुलिस के डर से भाग खड़ा होता था।
इस बार रामवकील ने उसी रोज कोखराज कोतवाल को तहरीर दिया और मीडिया के संपर्क में भी आ गया। लिहाजा मजबूर होकर मंगलवार को पुलिस को आरोपी शुभम पांडेय, मोनू व इनके गैंग में शामिल महिला अनीता पत्नी अर्जुन सरोज निवासी अब्दुल्लागंज थाना कोखराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया जाता है कि कोतवाल ने छह जुलाई को पूरे दिन कोतवाली में बैठाए रखा था।
उससे जबरन सुलहनामा भी लिखवाया था। दोषी कोतवाल के खिलाफ अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अमर उजाला ने इस पूरे मामले की खबर को बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका संज्ञान लेते हुए एसपी ने दोनों सिपाहियों को बुधवार रात ही सस्पेंड कर दिया है।