kaushambi News : सरायअकिल थाने का घेराव करते लोग।
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सरायअकिल कस्बे में बारावफात के जुलूस के दौरान रामलीला के मंच पर हरा झंडा फहराने के मामले ने जिले से लेकर राजधानी पर भूचाल ला दिया। मुख्यमंत्री के मामला संज्ञान में लेने के बाद एक बवाल करने वाले एक हजार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने दस लोगों को गिरफ्तार भी किया। साथ ही एसपी राधेश्याम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सरायअकिल थानाध्यक्ष को पद से हटाते हुए पुलिस लाइन में भेजा है। जबकि पुलिस लाइन में रहे इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा को सरायअकिल की कमान सौंपी गई।
सरायअकिल में बरावफात के दिन हुए बवाल को सरकार ने चायल विधायक संजय गुप्ता की पहल पर संज्ञान में लिया है। मुख्यमंत्री के सक्रिय होने के बाद पुलिस महकमें की हलचल बढ़ गई। आनन-फानन रिपोर्ट दर्ज कर दस लोग गिरफ्तार कर लिए गए। थानाध्यक्ष को हटा दिया गया। बृहस्पतिवार को एसपी इंटेलीजेंस अजीत सिन्हा ने भी सरायअकिल कस्बा आकर प्रकरण की जांच की। ऐसे हालात में बवाल करने वालों के होश उड़े हैं। ज्यादातर लोग घर से भागे हुए हैं।
क्राइम कंट्रोल नहीं होने पर जिम्मेदार होगें थानेदार
क्राइम कंट्रोल नहीं कर पाने पर अब सीधे तौर पर वहां के स्टेशन अफसर को जिम्मेदार माना जाएगा। पिछले दिनों जिस हिसाब से एसपी राधेश्याम ने जिस तरह से कार्रवाई की है, उसे लेकर पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है। नाइट अफसर भेजने के अलावा खुद थानेदार देर रात तक थानों पर मौजूद रहकर पल-पल की रिपोर्ट लेते रहते हैं। बताते चले कि पिछले दिनों एसपी ने हत्या फिर एक फांसी की घटना के बाद कोखराज इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह को पद से हटा दिया था। उनके स्थान पर संदीप तिवारी को कोखराज का इंस्पेक्टर बनाया गया। इसी तरह सरायअकिल में हुए बवाल के बाद वहां रहे थानाध्यक्ष भुवनेश चौबे को हटाकर वहां की कमान अनुपम शर्मा को दी गई है।