फतेहपुर जिले के खखरेरू निवासी जुनैद की पत्नी महेलिका को शुक्रवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। इस पर घरवाले महेलिका का प्रसव कराने जिला अस्पताल लाए। शाम 6.15 बजे मेहिलिका ने बेटे को जन्म दिया। रात 9.14 बजे राउंड पर गए चिकित्सक ने सलाह दी कि बच्चा सक्शन (दूध नहीं पी पा रहा है) नहीं कर पा रहा है। इस वजह से उन्होंने जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शिशु को भर्ती करने की सलाह दी। जुनैद के बड़े भाई जावेद का कहना है कि 15 अगस्त सुबह छह बजे बच्चे की नानी डायपर बदलने गई तो सब ठीक था। उन्होंने स्टाफ से बच्चेे को देखने के लिए कहा, लेकिन कोई कुर्सी से नहीं हिला।
पूरा स्टाफ मोबाइल चलाने में ही व्यस्त रहा। इसके करीब एक घंटे बाद परिवार के अन्य लोग वार्ड पहुंचे तो बच्चे के शरीर से धुआं निकल रहा था। स्टाफ के साथ पास जाकर देखा तो उसकी सांसें थम चुकी थीं। बच्चे के शरीर की झुलस जल गई थी। घटना से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इसकी शिकायत सीएमएस व सदर कोतवाली पुलिस से की गई है। सूचना पर इंस्पेक्टर मंझनपुर मनीष पांडेय मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से तहरीर ली।
इनका कहना है
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। मामले की जांच कराया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. दीपक सेठ, सीएमएस