सरायअकिल कस्बे में मंगलवार रात रामलीला के मंच पर हरा झंडा लहराने से नाराज लोगों ने किया था कोतवाली का घेराव, चायल विधायक के दखल पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष की तहरीर पर दर्ज हुई एफआईआर।
सरायअकिल कस्बे में आयोजित हो रही रामलीला में मंगलवार रात मंच पर चढ़कर हरा झंडा लहराकर नगर का साम्प्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले वर्ग विशेष के एक हजार लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। हंगामे की सूचना पर पहुंचे चायल विधायक संजय कुमार गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से जुलूस में शामिल प्रमुख चेहरे भूमिगत हो गए हैं।
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सरायअकिल कस्बे के चावल मंडी में मंगलवार रात करीब 8:30 बजे रामलीला का मंचन हो रहा था। इसी दौरान उधर से बारावफात का जुलूस निकलने लगा। आरोप है कि जुलूस को शांतिपूर्वक निकल जाने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों ने मंच पर चढ़कर लाउडस्पीकर बंद करवाने के साथ ही कलाकारों के साथ अभद्रता कर दी। इसी बीच कुछ अराजकतत्वों ने रामलीला मंच पर चढ़कर झंडा लहराना शुरू कर दिया।
इससे एक पक्ष के लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित होकर सैकड़ों की संख्या में लोग कोतवाली का घेराव करने पहुंच गए। हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीएम राजेश श्रीवास्तव, सीओ चायल श्यामकांत ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन व जुलूस के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
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जानकारी मिलते ही चायल क्षेत्र के भाजपा विधायक संजय कुमार गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। विधायक के दखल व रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल जी रस्तोगी की तहरीर पर जुलूस के आयोजकों समेत एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, सीओ चायल श्यामकांत ने जुलूस को वहां से शांतिपूर्वक निकल जाने के लिए रामलीला मंच पर चढ़कर माइक की आवाज कम कराने का प्रयास कर रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर थाने का घेराव करने पहुंचे लोगों को शांत कराया। उधर, चर्चा यह रही कि पुलिस व रामलीला का मंचन कर रहे कलाकारों के बीच हो रही नोकझोक के बीच कोई हाथ में हरा झंडा लेकर मंच पर पहुंच गया या फिर उसने जानबूझकर ऐसा किया यह गहन जांच का विषय है।
पहली बार चावल मंडी से निकाला गया था जुलूस
विधायक ने थाने के त्योहार रजिस्टर में बारावफात के जुलूस का ब्यौरा चेक किया तो पता चला कि पूर्व के वर्षों में कभी भी जुलूस चावल मंडी से नहीं गुजरा था। परंतु इस बार आयोजकों ने चावल मंडी से जुलूस निकाला जहां पर रामलीला का मंचन भी हो रहा था। हकीकत सामने आने के बाद रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल केशरवानी की तहरीर पर जुलूस के आयोजक सहित एक हजार अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया।