इसके बाद भी अशोक नीचे आने को राजी नहीं हुआ तो पुलिस को खबर दी गई। घटना की जानकारी से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया। सीओ चायल श्यामकांत, अधिशाषी अभियंता चायल डीएन प्रसाद, तहसीलदार चायल दीपिका सिंह, पुरखास के अवर अभियंता कपिल तिवारी व इंस्पेक्टर सरायअकिल सुनील सिंह मौके पर पहुंचे। अफसरों ने अशोक को नीचे आने के लिए हर आश्वासन दिया लेकिन वह राजी नहीं हुआ।
दोपहर तक अशोक का ड्रामा चलता रहा। अशोक की पत्नी मोनी देवी ने बताया तीन साल पहले सौभाग्य योजना से उसे बिजली का कनेक्शन दिया गया था। शनिवार सुबह 80 हजार सात सौ रुपया का बिल आया। इसके बाद से अशोक काफी परेशान था। शनिवार को उसने कुछ खाया पीया भी नहीं। रविवार सुबह वह धान की रोपाई करने खेत गई तभी अशोक टॉवर में चढ़ गया। अशोक तार में चल भी रहा था। इसे लेकर पुलिस की उलझन और बढ़ गई। पुलिस ने जाल मंगवाया। अशोक जहां-जहां जा रहा था वहां नीचे ग्रामीण जाल लेकर चल रहे थे। दोपहर तक अशोक को मनाने की सारी कवायदे फेल साबित हो रही थी। पुलिस और अधिकारियों को करीब आठ घंटे तक छकाने के बाद युवक सायं साढ़े पांच बजे नीचे उतरा। तब जाकर परिजनों, ग्रामीणों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली।