सैनी कोतवाली के अजुहा कस्बे में भोला चौराहा के समीप श्रद्धालुओं से भरी एक बस शुक्रवार की देर रात अनियंत्रित होकर नाले में घुस गई। हादसे में बस चालक की मौत हो गई, जबकि 17 लोग जख्मी हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से बस सवार श्रद्धालुओं में कोहराम मच गया।
पश्चिम बंगाल में मेदिनीपुर जिले के सरिशा खोला गांव निवासी हसन अली (60) बस चालक है। वह गांव के ही 80 लोगों को टूरिस्ट (लग्जरी) बस से लेकर 26 अक्तूबर को अजमेर के लिए निकले थे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली, अजमेर शरीफ, सलवर शरीफ, देवा शरीफ, कलियर शरीफ और आगरा का ताज महल भ्रमण किया। इसके बाद शाम को वह आगरा से पश्चिम बंगाल के लिए लौट रहे थे।
शुक्रवार की रात करीब दो बजे जैसे ही अजुहा कस्बे में भोला चौराहे के समीप पहुंचे, तभी तेज रफ्तार होने के चक्कर में बस ब्रेकर में चढ़कर अनियंत्रित हो गई। डिवाइडर पार करते हुए श्रद्धालुओं से भरी बस दूसरे छोर में हाइवे किनारे बने नाले में चली गई। बस का एक पहिया नाले में घुस गया। जिस पर बस तो रूक गई, लेकिन हादसे में बस चालक हसन अली शीशा तोड़ते हुए जमीन पर आ गिरा।
बस सवार मुर्सिदा बीबी (48), ओरैशा बीबी (48), असगर अली (43), मुफ्तकिन अली (6), सुभ अली (12), याकूब अली (57), मैना बीबी (40), फूकु अली (48), एसके रजा (30), सेराजुल काजी (45), मुजफ्फजर काजी (48), तजंगिल मलिक (53), हस्नेआरा बीबी (40), कोहिनूर बीबी (50), मंजूरी खातून (18), सुल्ताना (22) जख्मी हो गए। हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई।
लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को सीएचसी सिराथू भेजा। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत में हसन अली सहित मुर्सिदा बीबी, ओरैशा बीबी, असगर अली, मुफ्तकिन अली, सुभ अली, याकूब अली को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बस चालक हसन अली को मृत घोषित कर दिया। हसन अली की मौत से बस सवार श्रद्धालुओं में कोहराम मच गया।