Judgment came after 23 years, got two years sentence
23 वर्ष एडीजे एफटीसी प्रथम की अदालत ने जानलेवा हमले के मामले में 23 साल बाद फैसला सुनाया। मंगलवार को अदालत ने आरोपी को दो साल की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार करारी कोतवाली के अलावलपुर टिकरी गांव में 20 मार्च 1999 को बाबूलाल व पितई के बीच विवाद हो गया था।
इस दौरान पितई ने बाबूलाल के सिरपर डंडे से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जख्मी बाबूलाल की पत्नी बदामा देवी की तहरीर पर करारी कोतवाली में पितई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम कीर्ति कुणाल की अदालत में चली। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुरुद्ध कुमार मिश्र ने सात गवाहों को प्रस्तुत किया। पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन एवं गवाहों के बयान के आधार पर 23 साल बाद मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी पितई को दो साल की सजा सुनाई।