जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने डिप्टी सीएमओ पर अस्पतालों व क्लीनिकों की जांच के नाम पर वसूली का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को पत्र भेजा है। पिछले 10 साल से डिप्टी सीएमओ को बिना डिग्री वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। आरोप है कि जांच के नाम पर डिप्टी सीएमओ सिर्फ वसूली करते हैं। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
अस्पताल व क्लीनिकों की जांच करने के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. एचपी मणि को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष का कहना है नोडल अधिकारी हर माह अस्पतालों व क्लीनिकों की जांच करते हैं। जांच के दौरान अस्पताल के संचालकों को नोटिस दिया जाता है। आरोप है कि सुविधा शुल्क लेकर मामले दबा दिए जाते हैं।
यही वजह है कि अवैध तरीके से संचालित अस्पतालों व क्लीनिकों के प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अस्पतालों में हाईस्कूल व इंटर पास लोग मरीजों का इलाज करते हैं। इससे मरीजों की जान खतरा बना हुआ है। शिकायत पर जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
मेरे खिलाफ लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अफसर मामले की जांच करा सकते हैं। मैं किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हूं। पिछले एक महीने के दौरान एक अस्पताल व अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज करने की कार्रवाई भी की गई।
डॉ. एचपी मणि, डिप्टी सीएमओ