If the C Plan app is not found, then the police personnel will not pay: IG
- फोटो : KAUSHAMBI
मंगलवार को आईजी जोन डॉ. राकेश सिंह ने पिपरी कोतवाली का औचक निरिक्षण किया। इस दौरान कोतवाली में रखे गए अभिलेखों और तैनात पुलिसकर्मियों को कानून की सही जानकारी नहीं होने पर उन्हें फटकार भी लगाई। सी प्लान एप को लेकर उनके तेवर तल्ख रहे। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से कहा कि सी प्लान एप के जरिए काम करें। यदि एप नहीं मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार की शाम पांच बजे आईजी पिपरी कोतवाली का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां पर मौजूद सिपाहियों ने सलामी दी। उसके बाद आए फरियादियों की समस्या सुनीं। इस बीच बूंदा के रामचंद्र ने बताया कि 2016 में उनके चाचा की निजी नलकूप पर हत्या कर दी गई थी। इससे पूरा परिवार दहशत में है। सुरक्षा के लिए उसे शस्त्र लाइसेंस नहीं मिल रहा है। संतोष सोनी ने बताया कि तिल्हापुरमोड़ से करीब दर्जन भर ट्रक बिना नंबर प्लेट के बालू की ढुलाई करते हैं।
इससे खतरा अधिक रहता है। शिकायत के बाद भी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद आईजी ने इंस्पेक्टर आदित्य कुमार से कोतवाली में तैनात कांस्टेबलों की जानकारी ली। रजिस्टर के हिसाब से कई महिला व पुरुष कांस्टेबलों का स्थानांतरण के बाद भी नाम दर्ज मिला। इंस्पेक्टर दस महिला सिपाहियों के नाम नहीं बता सके। अपने सिपाहियों के नाम की जानकारी नहीं होने से नाराज आईजी ने इंस्पेक्टर को जमकर फटकार लगाई।
उप निरीक्षक भी अपने क्षेत्र में आने वाले गांवों के प्रधानों और चौकीदारों के नाम नहीं बता सके। महिला कांस्टेबलों ने भी अपने क्षेत्र के प्रधानों और चौकीदारों के नाम नहीं बताए। इस बीच कोतवाली में तैनात 18 महिला कांस्टेबलों में मौके पर रहीं 10 सिपाहियों ने सी एप की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। इस पर आईजी ने एसपी राधेश्याम विश्वकर्मा को एक माह के अंदर सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल में सी एप डाउनलोड कराने और उसकी जानकारी देने को कहा। इसके बाद लापरवाही मिलने पर निलंबन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।