चूंकि उस वक्त वह नाबालिग थी। इस वजह से उसने कुछ नहीं कहा। बाद में पता चला कि उसकी मां ने काजल व उससे कथित मामा के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। इस पर वह अपने तथाकथित पति व सास के साथ गांव आई। आधार कार्ड में तो किशोरी बालिग है, लेकिन शैक्षिक प्रमाण पत्र में नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसका कोर्ट में बयान कराया।
कोर्ट ने नाबालिग होने की दशा में उससे शादी करने वाले राजस्थान के भोला, बालकमऊ की काजल व कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के पहड़िया निवासी काजल के कथित मामा लवकुश का चालान न्यायालय भेजा है। इंस्पेक्टर विनोद मौर्य का कहना है लड़की नाबालिग थी। उसे बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज था। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेजा गया है।